भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणा दायी ,भगवान प्रेम के भूखे,,आचार्य इंद्र कुमार शास्त्री ,,

कपड़ौरा मे कथा का अयोजन

प्रयागराज,,,शंकरगढ़ ब्लाक के ग्राम कपड़ौरा मे समाजसेवी अर्कनाथ ठाकुर अपनी धर्म पत्नी के अंतिम इक्षा के अनुसार अपने निवास मे भगवत कथा का आयोजन किया गया है जिसमे आसपास के ग्रामीणों के अतिरिक्त छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश,महा राष्ट्र ,बिहार से पहुँचकर कथा सुनकर लाभ उठा रहे है आचार्य इंद्र कुमार शास्त्री ने आज गुरुवार के कथा मे कृष्ण जन्म के पश्चात कृष्ण के बाल लीला व माखन चोरी,रास लीला,कलिया नाग को नाथने की कथा को विस्तार से बताया आचार्य ने उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं की। बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थी। मां उन्हें कहती थी कि प्रतिदिन तुम माखन चुरा के खाया करते हो, तो वह तुरंत मुंह खोलकर मां को दिखा दिया करते थे कि मैंने माखन नहीं खाया।आचार्य ने कहा कि जो दूसरे को यश प्रदान करे वही यसोदा है जो सब को आनंद दे वही नंद है कथा मे पूतना वध की कथा सुनाई पूतना ने अपने स्तनो मे काल कुट नामक विष अपने स्तनो मे लगाकर पूतना कन्हैया के पास पहुँच गई कन्हैया को स्तनपान कराना चाही भगवान ने स्तन पान कर के जहर पी लिया एवं भगवान ने पूतना को मुक्ति प्रदान किया बगासुर,आगसूर के अलावा अन्य राक्षसों को उनके पाप हरकर मुक्ति प्रदान किया धन मे 15 दोष होते है पहले महात्माओं के पास सम्पति नही होती थी आचार्य इंद्र कुमार शास्त्री ने आज के समय के व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज के महात्माओं के अपार धन सम्पति है जो केवल सम्पति संग्रह मे विश्वास् करते है उन्होंने कहा कि भगवान केवल प्रेम के भूखे आज यदि सब कुछ दान करने मे यदि प्रेम समाहित नही है तो उस दान का महत्व नही

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