रायपुर . जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के पूर्व महामंत्री एवं प्रवक्ता प्यारे लाल साहू ने छग के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रवासी मजदूरों के मदद के लिए की जा रही ब्यवस्था का तारिफ करते हुए कहा की छत्तीसगढ़ सरकार अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ की श्रमिकों की वापसी के लिए, जहां ट्रेनों और बसों की नि:शुल्क व्यवस्था की है, वहीं राज्य के अन्य जिलों में लॉकडाउन के वजह से फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सकुशल पहुंचा जा रहा है।
श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहें वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनके सेवा-सत्कार में पुरी शिद्दत से जुटे हुए हैं शासन -प्रशासन के साथ मुख्यमंत्री की अपील पर श्रमिकों की सहायता में राज्य के स्वयं-सेवी, समाज सेवी संस्थाओं, उद्योग और व्यापारिक संगठनों के लोग भी बराबर की साझेदारी निभा रहे हैं।
साहू ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी बार्डर इलाके के चेकपोस्ट पर देश के अन्य राज्यों से कष्ट दायक सफर तय कर पहुंचने वाले श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने न सिर्फ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था की है, बल्कि नि:शुल्क बस की व्यवस्था कर श्रमिकों को राज्य की सीमा तक सकुशल पहुंचाने प्रबंध किया है। छत्तीसगढ़ राज्य का बाघनदी बार्डर राजनांदगांव और महाराष्ट्र राज्य की सीमा पर है। महाराष्ट्र, आंघ्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों के विभिन्न जिलों से यहां पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को सकुशल उनके राज्य की सीमा तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन ने सुनिश्चित की है। बाघनदी बार्डर पर पहुंचने वाले अधिकांश प्रवासी श्रमिक झारखण्ड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडि़शा, पश्चिम बंगाल के है, जो छत्तीसगढ़ होते हुए अपने गृह राज्य जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने प्रवासी श्रमिकों की मदद में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रख रही उन्होने कहा कि यहीं व्यवस्था राज्य के सभी चेकपोस्टों पर शासन-प्रशासन ने सुनिश्चित की है। राज्य के रेंगाखार, चिल्फी, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, अंबिकापुर, रामानुजगंज आदि बोर्डर पर पहुंचने वाले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को उनके गृह जिला तथा अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को भी राज्य की सीमा तक सकुशल पहुंचाने की नि:शुल्क व्यवस्था शासन-प्रशासन ने की है।छत्तीसगढ़ सरकार की इस व्यवस्था ने सफर कर रहे प्रवासी श्रमिकों को काफी हदतक राहत मिल रही है।
