पाटन। 10 फरवरी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत पाटन ब्लॉक के सभी ग्रामो में तथा समस्त शासकीय स्कूल ,निजी स्कूलों ,अनुदान प्राप्त स्कुलो, महाविद्यालय में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि से बचाव के लिए कृमिनाशक दवाई खिलाया गया । राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष शर्मा ने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ को मोनिटरिंग हेतु विशेष निर्देश दिए है।
इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सेलूद में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सेलूद के सीएचओ जॉयसी व आरएचओ प्रीति वर्मा ने बच्चों को दवाई खाने से पहले बताया कि कृमि मनुष्य के आंत में एक परजीवी के रूप में रहता है और मनुष्य जो भी खाद्य पदार्थ ग्रहण करता है उसे कृमि ग्रहण कर लेते है और जिसके कारण बच्चे कुपोषण, शारीरिक व मानसिक कमजोरी का शिकार होते है । छत्तीसगढ़ में ज्यादातर बच्चो में यह समस्या पाई जाती रही है इसलिए शासन ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के रूप में प्रत्येक 6 माह में बच्चों को कृमिनाशक दवाई देने के लिए यह कार्यक्रम चलाया है । साथ ही बताया कि कृमि के कारण बच्चों में रक्ताल्पता, कुपोषण, पढ़ाई में मन न लगना, शारीरिक थकावट ,मानसिक विकास अवरुद्ध होना आदि प्रभाव पड़ता है । कृमि हमारे शरीर मे गंदे हाथों से भोजन सेवन करने से ,नंगे पैर चलने से ,खुले में शौच करने आदि विभिन्न माध्यम से शरीर मे प्रवेश करते है और नुकसान पहुंचाते हैं । सेलुद सेक्टर पर्यवेक्षक आर के टंडन व ए देशलहरे ने फेकारी ,परसाहि ,धौराभाठा ,सेलूद ,पतोरा, देवादा आदि स्कूलों का विजिट किया ।ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक बिष्णु देवांगन ने बताया कि 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली चबाकर तथा 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक 1 गोली चबाकर खिलाया गया तथा जो बच्चे या छात्र – छात्राएं छूट गए है उन्हें 15 फरवरी को माप अप दिवस में दवाई खिलाया जाएगा । ग्राम स्तर पर छोटे बच्चों व शालात्यागी बालक बालिकाओं को मितानिनों के द्वारा कृमिनाशक दवाई खिलाया जा रहा है। कृमि रोग से बचाव के लिए हाथों की सफाई ,शौचालय का उपयोग व व्यक्तिगत स्वच्छता तथा वातावरणीय स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ।विष्णु देवांगन ,तालसिंह ठाकुर , आर एस शांडिल्य ,रिजवान अहमद, संतोषी देवांगन ,मधु साहू ,पूजा बंजारे ,गीता रामटेके, रूबी वर्मा ,भावना ,मिथलेश साहू,नरेंद्र साहू ,पूरन दीवान,अनुसुइया साहू, नीलकमल साहू आदि स्वास्थ्य संयोजक अपने अपनें क्षेत्र मे मॉनिटरिंग कर रहे।
पाटन ब्लॉक के सभी स्कूलों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि से बचाव के लिए कृमिनाशक दवाई खिलाया गया
