भिलाई. छत्तीसगढ़ शासन तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले तीन शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज एवं 32 शासकीय पोलीटेक्निक संस्थाओं में कार्यरत लगभग 450 प्राध्यापको की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के आदेश जारी करने, एसोसिएशन आफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स गजेटेड आफिसर्स आफ छत्तीसगढ़ ने मांग रखी।
ज्ञात हो कि लोकसेवा आयोग से चयनित इंजीनियरिंग कॉलेज एवं शासकीय पोलीटेक्निक संस्थाओं में वर्ष 2016 में विभिन्न पदों जैसे व्याख्याता, सहायक कर्मशाला अधीक्षक, विभागाध्यक्ष, एसिस्टेंट प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर पर अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया था। शासन के आदेश में नवनियुक्त शिक्षकों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा गया था। अभ्यर्थियों का कार्य परिवीक्षा अवधि में संतोष जनक होने पर शासन से परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के आदेश प्रसारित हो जातें हैं जिससे प्राध्यापको को दो, वार्षिक वेतन वृद्धि की पात्रता हो जाती है यदि परिवीक्षा अवधि में कार्य संतोषजनक नहीं होने पर शासन से परिवीक्षा अवधि बढ़ाने के आदेश हो जातें हैं। जबतक परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के आदेश प्रसारित नहीं होते तब तक वेतन वृद्धि रुकीं रहतीं है। जिससे प्राध्यापको को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री शंकर वराठे ने बताया कि वर्ष 2016-17 में इंजीनियरिंग कॉलेज एवं पोलीटेक्निक संस्थाओं में विभिन्न शिक्षकीय पदों पर लगभग 450 शिक्षकों ने पदभार ग्रहण किया था अभी तक लगभग चार वर्ष पूर्ण हो चुके परंतु अभी तक विभाग से परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के आदेश जारी नहीं हुए। जिसके कारण प्राध्यापको की चार वेतन वृद्धिया रुकीं है और प्रति माह प्रत्येक प्राध्यापक को 12 से 20 हजार का नुक़सान हो रहा है साथ ही प्राध्यापको में भविष्य को लेकर भय एवं संशय बना हुआ है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकर वराठे ने आगे बताया कि एसोसिएशन की ओर से शासन को तीन चार पत्र लिखकर परिवीक्षा अवधि समाप्त करने ध्यान आकर्षित किया गया साथ ही विभागीय मंत्रीजी से भी सौजन्य भेंट कर परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के आदेश जारी करने निवेदन किया गया।
प्राध्यापको में व्याप्त व्याकुलता को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने फिर से दिनांक 13-52020 को माननीय तकनीकी शिक्षा मंत्री जी को संबोधित पत्र लिखकर पुरजोर परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की मांग रखी है।
