धर्म प्रचार और सेवा की आड़ में कोई हम पर अपनी संस्कृति ना थोपें, सनातन संस्कृति हमारी वैश्विक ताकत रही है–विजय बघेल

(बेल्हारी में रविवार को 11 मानस दलों ने सुंदर कांड एवं लंका कांड के प्रसंगों पर संगीतमय रामकथा सुनाई )

मनीष चंद्राकर@जामगांव-आर। भारत की सनातन संस्कृति व सभ्यता हमारी वैश्विक ताकत रही है,यह राम और कृष्ण की भूमि है,लेकिन आज बाहरी लोग धर्म प्रचार और सेवा की आड़ में हम पर अपनी संस्कृति थोप रहे हैं ऐसे लोगों से बचकर रहने की जरूरत है साथ ही हम सभी को मिलजुल कर अपने लोक जीवन मे निहित व्यवहार और सनातन संस्कृति को संजोने का प्रयास करना जरूरी है उक्त उद्गार दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने बेल्हारी में आयोजित रामायण मेला महोत्सव के दौरान कही,आगे उन्होंने कहा कि बेल्हारी के युवा आधुनिकता के जमाने में भी अपने धर्मशास्त्रों और महापुरुषों,अवतारी चेतनाओं को नहीं भूले हैं ! युवा मित्र मंडल द्वारा आयोजित इस मानस अनुष्ठान में रविवार को 11 मानस दलों ने सुंदर कांड और लंका कांड के चुनिंदा प्रसंगों पर रामकथा पर धर्मचर्चा करते हुए बताया कि भगवान राम की मर्यादा,उनका आचरण व कर्म ही भारतीय संस्कृति का मूल आधार है ! कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष मनीष चंद्राकर एवं पं अनिल शर्मा ने किया,कार्यक्रम स्थल में यादमल गोलछा,दीपक बंसोड़,भूषण चन्द्राकर,रामसिंह बंसोड़,अमित राठी,संदीप शर्मा,ईशु बंसोड़,लेखनारायन जारके,मोहित निषाद,सनत शर्मा,उत्तम रिगरी,नेवेन्द्र प्रजापति,रोमन साहू,भेंन चन्द्राकर,संतोष लहरे,अंकित शुक्ला,कन्हैया साहू,सोमन यादव,हरिश्चंद्र साहू,जगत सिन्हा,डोमार साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे !

रामायण की सीख से हम जीवन को बेहतर दिशा दे सकते है-रूपेंद्र शुक्ला

आयोजन में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रूपेंद्र शुक्ला भी शामिल हुए और कहा कि रामायण की सीख से व्यक्ति के जीवन मे आमूलचूल परिवर्तन होता है इसकी एक एक चौपाई और दोहे वेदमन्त्र के समान है श्रद्धा भाव से इसका अवलम्बन लेकर हम भी अपने निज जीवन को बेहतर बना सकते है,कार्यक्रम में भगवताचार्य पं अजय चतुर्वेदी भी पहुंचे और वेद मंत्रों से स्वस्तिवाचन करते हुए बताया कि बेल्हारी का आयोजन आने वाली पीढ़ी को धर्मशास्त्रों के अध्ययन और सदाचरण के लिए प्रेरित करने वाला सद्कार्य है ।

   

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