ग्राम पंचायतें चिंतित प्रवासी मजदूरों के वापसी पर क्वारेनटाइन का सारा भार पंचायतों पर, राज्य सरकार नहीं प्रदान कर रही अंशदान।
बेमेतरा. जिला पंचायत सभापति एवं अंकुर समाज सेवी संस्था के प्रदेश संयोजक राहुल योगराज टिकरिहा ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर प्रवासी श्रमिकों की व्यवस्था हेतु ग्राम पंचायतों को आपदा राहत मद या अन्य किसी निधि या माध्यम से वित्तीय राशि प्रदान करने का निवेदन किया है।
जिला पंचायत सभापति राहुल योगराज टिकरिहा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टी. एस. सिंहदेव, राजस्व व आपदा मंत्री जयसिंह अग्रवाल को पत्र लिखकर प्रवासी श्रमिकों को ग्राम पंचायत द्वारा क्वरेनटाइन करने के से ग्राम पंचायतों में उत्पन्न हो रही आर्थिक समस्या से अवगत कराते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निवेदन किया है।
सभापति राहुल टिकरिहा ने पत्र में लिखा है कि माननीय महोदय जी कोरोना संकट के इस दौर में आपके द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय है। महोदय जी छत्तीसगढ़ के मजदूर जो प्रदेश से बाहर काम करने गए है उनको वापस प्रदेश लाने का निर्णय स्वागत योग्य है।
महोदय जी विषयान्तर्गत आपसे आग्रह करता हूँ कि प्रवासी श्रमिकों का गॉव आने का क्रम अब प्रारंभ हो गया है। प्रवासी श्रमिकों क्वरेनटाइन करने अथवा आवास, भोजन आदि की व्यवस्था की सम्पूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौपी गई है। प्रवासी श्रमिकों की ठहरने की व्यवस्था स्कूलों में की गई है। अनेक स्कूलों में बिजली, पानी, टॉयलेट आदि की व्यवस्था नहीं है। बिना बिजली, पानी और मूलभूत आवश्यकताओं के बिना 14 दिन रहना संभव नहीं है। महोदय जी प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए आपके द्वारा राशि जारी नहीं की गई है।
महोदय जी राज्य शासन ने ग्राम पंचायतों को मूलभूत या 14वें वित्त के पैसों से प्रवासी श्रमिकों की व्यवस्था करने के लिए कहा है लेकिन ग्राम पंचायतों को इसके लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए है। महोदय जी मूलभूत एवं 14वें वित्त की राशि ग्रामीण विकास व आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए है। अगर ये राशि श्रमिकों की व्यवस्था में खर्च हो जाते है तो भविष्य में ग्राम पंचायतों में आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएंगे। महोदय जी प्रदेश के अनेक ग्राम पंचायत ऐसे है जहां क्रमशः 100 से अधिक प्रवासी श्रमिक आएंगे। श्रमिकों के लिए 14 दिन की भोजन, आवास और अन्य आवश्यक खर्चों की बीड़ा उठा पाना ग्राम पंचायतों के लिए संभव नहीं है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से उचित व्यवस्था नहीं होने से प्रवासी श्रमिक क्वरेनटाइन सेंटर से भाग भी सकते है। जिससे कोरोना संकट और गहरा जाएगा। कोरोना वायरस के इस विपदा के घड़ी में विगत 45 दिनों से ग्राम पंचायतों द्वारा जनहित में अनेक कार्य किए गए है। लेकिन राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को अभी तक एक रुपये की राशि भी जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को प्रदत आपदा राहत कोष या अन्य निधि व माध्यमों से प्रवासी श्रमिकों की संख्यावार राशि ग्राम पंचायतों को प्रदान करने की कृपा करें साथ ही जिस ग्राम पंचायतों में 50 से अधिक प्रवासी श्रमिक आ रहे है उस गॉव के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करें और सुरक्षा के लिए कम से कम 1 जवान की तैनाती की करें। जिससे की ग्राम पंचायत प्रवासी श्रमिकों की उचित व्यवस्था कर सके।
