राष्ट्रीय तम्बाखू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा एक्ट 2003 पुलिस सब डिवीजन पाटन के अधिकारियों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई।एसडीओपी पाटन देवांश राठौर के मार्गदर्शन में आर के लहरे ,श्रीमनोज प्रजापति एवं समस्त 7 पुलिस थाने के अधिकारी की उपस्थिति में बीएमओ पाटन डॉ आशीष शर्मा , एएमओ डॉ सीमा देशमुख एवं टीम द्वारा तम्बाखू एवं उसके उत्पाद के कारण बढ़ रहे गैर संचारी रोग ,कैंसर, ह्रदय रोग आदि के लक्षण ,निदान की जानकारी साझा की । साथ ही सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण के विज्ञापन और विनियमन का निषेध) अधिनियम, 2003 [सीओटीपीए, 2003] की जानकारी के साथ एक्ट के क्रियान्वयन हेतु प्रभावी कार्यवाही हेतु चर्चा की गई।कोटपा एक्ट 2003 के तहत सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) नियम, 2004 धारा-4, 5 और 6 पर मूल नियम की जानकारी दी गई।धारा 4 – सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है 200 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल आदि के मालिकों को 60 सेमी x 30 सेमी बोर्ड पर नो स्मोकिंग बोर्ड प्रदर्शित करना चाहिए।धारा 5 – तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध। तम्बाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों को 60 सेमी x 45 सेमी का बोर्ड प्रदर्शित करना चाहिए, जिसमें तम्बाकू के कारण कैंसर होते हैं। उल्लंघन करने पर 1000 रुपये से 5000 रुपये जुर्माना या 10-5 साल की कैद हो सकती हैधारा 6(क) – 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध दुकानों को बोर्ड दिखाना चाहिए कि तंबाकू उत्पाद की बिक्री 18 वर्ष से कम को तम्बाखू उत्पादों का विक्रय नहीं किया जाता है।धारा 6(ख) – शिक्षा संस्थान के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय है। उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक जुर्माना हो सकता है।तम्बाखू मुक्त शिक्षण संस्थान हेतु स्कूल परिसर के 100 गज के दायरे में आने वाली दुकानों में औचक छापामार कार्यवाही आगामी की जाएगी।
कोटपा एक्ट पर अधिकारियों की कार्यशाला,,,
