रायपुर. कुुुरूद के हीरा गाड़ाडीह में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन मार्च महीने में आयोजित की गई थी। जिसका विशेष प्रसारण आज आस्था भजन चैनल पर हुई। जिसमें सीता-श्रीराम का विवाह महोत्सव हुआ। प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक महाराज राजन ने बताया कि जहां धर्म होता है वह खुद ही धर्मस्व हो जाता है। मनुष्य हैं तो हमारे जीवन में धर्म होना चाहिए। जीवन में धरती पर हर मनुष्य सनातनी होकर जन्म लेता है और जन्म लेने वाला व्यक्ति हिंदू होता है।
महाराज ने कहा कि मनुष्य अपने विचारों में ही गरीब और अमीर होता है। संसार में कोई अमीर और गरीब नहीं है। स्वयं को गरीब मान लेना ही गरीब होता है। गरीब और अमीर मानना अपने सोच पर निर्भर करता है। श्रीराम कथा में कर्म करो पर ध्यान रहे पथ छुटे न…. गीत पर लोग भाव विभाेर होकर नाचते रहे। पाटन क्षेत्र के हजारों लोगों ने भी आज आस्था भजन चैनल पर राम कथा सुने जिसमे समाजसेवी शैलेश मिश्रा, गाडाडीह के अशोक पवार, राजेश पवार सहित बड़ी संख्या में लोग टेलीविजन के माध्यम से कथा सुने।
