4 साल की सर्विश मे 8 बार ट्रांसफर, पुनः पटवारी जसवंत का तबादला,सिस्टम का शिकार

मुकेश सेन की रिपोर्ट,,

पाटन:-तहसील मुख्यालय के अंतिम छोर पर बसे पुरातन गांव तरीघाट, सोनपुर मे हल्का नं-39 राजस्व विभाग में पटवारी के पदस्थ रहे जसवंत साहू जो कि अपने ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा का का पालन कर किसानों व ग्रामीणो से लेकर छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे ,वे किसानों के जमीन का नाप जोप,रकबा संशोधन, बंटाकन,सीमाकंन,धान खरीदी मे आ रही त्रुटियों मे सुधार, ग्रामीणो के राशनकार्ड बनाने, छात्रो के छात्रवृत्ति सबंधित समस्याओं को हल कर उनके दिलो को जीत लिया था,वे अपने कार्य स्थल पर जाकर समस्या सुन रहे थे कि अचानक तबादला अन्यत्र स्थान पर हो गया है ,जिससे कि ग्रामीणो मे भारी रोष व्याप्त है, चुकी तरीघाट ,सोनपुर हल्के मे उन्हें आए 10 माह नहीं हुआ था, कि उनका ट्रांसफर शासन द्वारा कर दिया गया ,ईमानदार,जिम्मेदार,छतीसगढ़िया व किसानों के प्रिय रहे तरीघाट पटवारी हल्का नं 39 मे पदस्थ जसवंत के तबादले को रूकवाने ग्रामीणो बेदराम साहू,एतेश्वर गोस्वामी, जीवन सिन्हा, गैंदलाल तोरण लाल,डोमेश सिन्हा, नरेश सिन्हा इत्यादि ने एसडीएम कार्यालय में आवेदन सौंपा था, परंतु भारी कोशिश के बाद जसवंत साहू स्थानांतरण नहीं रुका क्योंकि वे सिस्टम का शिकार हो चुके थे ,अब उनके तबादले से लोगों को सरकारी तंत्र पर भरोसा उठ गया है, लोग बाग द्वारा गांव में तरह तरह की चर्चाएं करना शुरू कर दिये हैं, एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर स्थांतरण रुकवाने के लिए ग्रामीणो ने किया प्रयास परंतु उम्मीद पर पानी फिरातरीघाट, सोनपुर हल्का नंबर -39 आए उन्हें सिर्फ 10 महिने हुए थे कि ऊनका तबादला कर दिया गया, इससे ग्रामीणो मे रोष व्याप्त था, बावजूद गांव के लोगों ने एसडीएम को आवेदन किया था बावजूद सिस्टम का शिकार हुए जसवंत साहू का स्थांतरण ग्रामीणो के मांग बावजूद नहीं रूक सका,अब गांव वाले लोगों को सिस्टम पर विश्वास कम ही रह गया हैईमानदारी, जिम्मेदारी से कर रहे थे कामजसवंत साहू जब से हल्के में आये थे तो पूरी जिम्मेदारी, इमानदारी से काम कर रहे थे, किसान व ग्रामीणो मे खुशी थी, क्योंकि कभी उन्हें पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने नहीं लगे,गांव में आकर किसानों से अपनी बात रखते थेग्रामीणो को उनकी कार्य शैली भा गया थी,ग्रामीण चाह रहे थे कि हल्के पर उन्हें और समय मिलेजसवंत साहू तरीघाट शिविर में आये ही थे कि उनके तबादला की जानकारी मिली, जिससे कि गांव वाले निराश हो गये,हालांकि तबादला शासन की नीति है,परंतु ग्रामीण चाह रहे थे कि पटवारी को कुछ और समय दिया जाये,ताकि शासकीय काम जल्द से जल्द निपटा सकें4 साल की सर्विश मे 8 बार तबादले हुएजसवंत साहू की नियुक्ति जब से पटवारी के रूप में हुई है, जब से पद सभांल रहे हैं तब से वे बोरीद ,दरबार मोखली,तेलीगुंडरा,खर्रा,खम्हरिया, डंगनिया, तरीघाट सोनपुर, सिपकोना ,भनसुली, जरवाय मे काम कर चुके हैं वे ईमानदारी, जिम्मेदारी व लोगों को विश्वास मे लेकर काम में है बावजूद,4 साल के सर्विस मे 8 स्थानांतरण हो चूका है,

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