रायपुर। छत्तीसगढ़ कृषि विकास अधिकारी संघ एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ द्वारा कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव कृषि श्री कमलप्रीत सिंह को विगत 2 माह से माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए नियम विपरीत पदोन्नति को निरस्त करने तथा वरिष्ठता उपयुक्तता के आधार पर कृषि विकास अधिकारी से वरिष्ठ कृषि अधिकारी तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कृषि विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति हेतु संयुक्त ज्ञापन मंत्रालय में सौंपा गया। पूर्व में भी निरंतर चर्चा व आंदोलन की सूचना देने के बाद इन अधिकारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तथा उच्च न्यायालय का आदेश का भी पालन नहीं किया गया है। इससे नाराज कृषि अधिकारी 23 दिसंबर को राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन करेंगे। छत्तीसगढ़ विकास अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शेख कलीम उल्लाह खान तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय लहरें ने संयुक्त विज्ञप्ति में बताया है कि माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के युगल पीठ द्वारा पारित डब्ल्यू पी एस नंबर 4742/2019 में पारित आदेश दिनांक 7 अप्रैल 2022 के आदेश का पालन न करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना प्रकरण की स्थिति निर्मित होने के बाद पुन 20 दिसंबर को मंत्रालय में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव श्री कमलप्रीत सिंह से भेंट कर ज्ञापन सौंपा गया तथा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न होने व दोनों संवर्ग के अधिकारियों का पद रिक्त होने के बाद भी पदोन्नति न करने तथा दूसरी ओर पूर्व अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार का सहारा लेकर नियम विपरीत आरक्षण व्यवस्था के विपरीत पदोन्नत अधिकारियों को न केवल पदावनत करने व भुगतान की गई राशि की वसूली की स्थिति को मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारी नकार रहे हैं। ऐसी स्थिति में शासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु 23 दिसंबर को बूढ़ातालाब में कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगे। आज मंत्रालय में ज्ञापन सौंपने हेतु प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संरक्षक विजय कुमार झा, अजय तिवारी, प्रांतीय अध्यक्ष कलीम उल्लाह खान, विजय लहरें, श्रीमती नलिनी चंद्राकर, मुख्य संरक्षक एम पी आड़े, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार, धनेश मंडावी, तथा रमतू नेताम, मनोहर नेताम, श्रीमती शारदा कश्यप, श्रीमती आर पी मंडावी आदि शामिल थे। मंत्रालय से लौटने के बाद कलेक्ट्रेट स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के नीचे नारेबाजी प्रदर्शन भी किया गया।

