बालोद जिला के बासीन कंवर, सनौद, अरकार समिति में हुआ किसान कुटीर भवन का भूमिपूजन

बालोद। जिला बालोद के सेवा सहकारी समिति बासीन समिति कंवर, समिति सनौद एवं अरकार में किसान कुटीर भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती संगीता सिन्हा विधायक बालोद, अध्यक्षता राजेन्द्र साहू अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग, विशेष अतिथि वसंत सोनवेर उपाध्यक्ष कृषि उपज मंडी बालोद, तामेश्वर साहू अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुरूर, केदार देवांगन सभापति जिला पंचायत चालोद, तोषण साहू जोन अध्यक्ष पूरन साहू अध्यक्ष जनभागीदारी समिति बासीन कॉलेज, टोमन साहू अध्यक्ष जनभागीदारी समिति अरमरीकला, सादिक अली महामंत्री ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुरूर, लाल खा जी सेक्टर अध्यक्ष श्रीमती राजश्री क्षत्रिय जी सभापूर्ति जनपद पंचायत गुरुर, सोमन साहू निगरानी समिति सदस्य मौजी राम निषाद सदस्य निगरानी समिति श्रीमती प्रमिला हिरवानी सरपंच ग्राम पंचायत बासीन मेघूराम साहू प्राधिकृत अधिकारी बासीन, कुलेश्वर ढीमर समिति कंवर उपस्थित थे.

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने कहा कि किसानों को धान बेचने में कोई समस्या ना हो इसलिए इस बार खरीदी एक माह पहले 01 नवंबर से शुरु किया गया, जिससे किसानों को टोकन एवं धान बेचने के लिए किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इस बार बारदाने एवं परिवहन के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुयी। धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। किसान समिति में बैठ सके इसलिए माननीय मुख्यमंत्री द्वारा हर समिति में किसान कुटीर का निर्माण कराया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं तीज-त्यौहारों को देश में एक नई पहचान दिलायी है। छत्तीसगढ़ के खेल-कूद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर राजेन्द्र साहू ने कहा कि छ.ग. शासन किसानों राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से समय-समय पर चार किश्तो में धान के अंतर राशि का भुगतान कर रही हैं, जो कि किसानों के लिए खेती-किसानी एवं त्यौहारों में उपयोगी साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ शासन अपने घोषणा पत्र अनुसार 2500 रु. क्विंटल से भी अधिक में धान खरीदी कर ही है एवं आने वाले वर्षो में 2800 रु. में धान खरीदी की जावेगी, जो कि पूरे देश में कही भी नहीं है। भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत 7000 रु. प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, गोधन न्याययोजना के गोठान के माध्यम से 2रु. किलो गोबर खरीदी करने से स्वयं सहायता समूह एवं ग्रामीणों को रोजगार मिला एवं उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुयी है। स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले जाने से ग्रामीणों के बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा एवं अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। शासन ने बिजली बिल आधा करने के अपने घोषणा को भी पूर्ण किया. पिछले 15 वर्ष रमन सरकार और वर्तमान 4 साल के कांग्रेस सरकार में फर्क हैं, पहले किसान कर्ज में दबे रहने के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर थे, माननीय भूपेश बघेल जी की सरकार आने से सब कर्ज से उबर चुके है। आज सब जगह जगह बैंक खुलवाने की मांग कर रहे है, अब कृषको के पास पैसा है जिन्हें वे बैंक में बचत के रूप में जमा कर रहें है। उन्होंने किसानों को गौठानों में पैरादान करने का अपील किया।

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