बैडमिंटन में सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर की छात्रा ओशमी ने रचा राष्ट्रीय स्तर पर गौरवमय इतिहास,,,,, माता पिता और ओशमी का हुआ सम्मान

आसकरन जैन की लेखन,,

जामगांव आर। राष्ट्रीय स्तर पर बैडमिंटन स्पर्धा जोधपुर राजस्थान में प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सोमवार को विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर पहुची 12 वी की छात्रा ओशमी ने प्राचार्य पीएल बारले पिता भूपेंद्र चन्द्राकर माता मधुलता चन्द्राकर को सौपे मोमेंटो और प्रमाण पत्र लिया आशीर्वाद। विद्यालय परिवार ने ओशमी सहित माता पिता को बुके व श्रीफल भेंट कर विक्ट्री साइन के साथ किया भव्य सम्मान।इस अवसर पर प्रधनाचार्य पवन बंछोर संरक्षक दीदी खेमलता ठाकुर सहित स्टॉफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।प्राचार्य पीएल बारले ने बताया किस्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया एसजीएफआई से सम्बद्ध विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित 33वाँ राष्ट्रीय खेल कूद बैडमिंटन प्रतोयोगिता जोधपुर राजस्थान में 29 नवम्बर 2022 से 1 दिसम्बर 2022 को आयोजित किया गया।जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जामगांव आर की छात्रा ओशमी चन्द्राकर मध्यछेत्र टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए राजस्थान और पश्चिमी यूपी को हराकर विजयी प्राप्त किया ।किन्तु बैडमिंटन खेल के कसमकस टक्कर के बीच राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर ओशमी ने विजय पताका लहराया। और विद्यालय आकर प्राचार्य पीएल बारले के हाथों मोमेंटो व प्रमाण पत्र सौपे। प्रथम स्थान पर उत्तर छेत्र एवं द्वितीय स्थान पर पूर्वी यूपी रहे।इस राष्टीय बैडमिंटन स्पर्धा में मध्यछेत्र उत्तर छेत्र पूर्वी यूपी पश्चिमी यूपी राजस्थान, दक्षिण मध्यछेत्र, और बिहार छेत्र ने भाग लिया।राष्ट्रस्तरीय बैडमिंटन खेल स्पर्धा में विद्यालय का नाम रोशन करने वाली छात्रा का भव्य स्वागत विक्ट्री साइन लाइन बनाकर विजय का विक्ट्री दिखाकर विद्यार्थियों प्राचार्य प्रधानाचार्य व स्टॉफ ने स्वागत किया।राष्ट्रस्तरीय स्तर पर प्राप्त यह गौरव माता पिता गुरु को समर्पित,,,,,राष्ट्रस्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी 12 वी की छात्रा ओशमी ने बताया कि माता पिता और गुरु का भरपूर आशीर्वाद स्नेह और हौसला भरपूर मिला जिसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर का बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर जीवन मे एक इतिहास लिखने का अवसर मिला। इस खेल में छेत्र स्तर तक पहुचने में साथ निभाने वाली सहेली छात्रा बृजबाला और सहेली सा भूमिका निभाने वाली संरक्षक दीदी खेमलता ठाकुर की यादगार सहयोग ता जीवन स्मरणीय रहेगा। छात्रा ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर विद्यार्थियों को सर्वांगीण विकास का सारा चीज उपलब्ध करा रही है लाभ लेने के लिए पालक और बालक को सजगता पूर्वक सामने आना जरूरी है।ओशमी ने कहा कि राष्ट्रस्तरीय प्राप्त यह गौरव माता पिता गुरु को समर्पित है।ओशमी ने कहा कि परिणाम को तन मन परिस्थियां और सहयोगी भी प्रभावित करते है। स्वस्थ खेल परिणाम से भी ऊपर खिलाड़ी भावना का महत्व समझाती है। बच्चो के गौरवमय इतिहास के लिए माता पिता स्कूल के साथ कदम में कदम मिलाए,,,,प्राचार्य पीएल बारले ने कहा कि होनहार बच्चो को गौरवमय इतिहास रचने के लिए माता पिता विद्यालय के साथ कदम में कदम मिलाकर चले ।प्रतिभा को निखारने के लिए सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर मंच दे रही है मंजिल की ओर कदम बढ़ाने में पालक सजग और सक्रिय भूमिका निभाएं। भूपेंद्र चन्द्राकर जैसे जो भी पालक सजग और सक्रिय भूमिका निभा रहे है गौरवमय इतिहास रचने में इस विद्यालय ने कोई कसर नही छोड़ी है अतीत के पन्ने प्रमाण से भरे पड़े है। भरपूर सुविधायुक्त कम शुल्क वाली चैरिटेबल इस संस्कारित विद्यालय का लाभ उठाकर अपना और बच्चों का भविष्य अवश्य सवारे।विद्यालय से मिल रही संस्कार और सर्वांगीण विकास वरदान सावित हो रही है,,,,,पिता भूपेंद्र चन्द्राकर माता मधुलता चन्द्राकर ने कहा कि महंगी शिक्षा से कराहती हुई इस दौर में 32 वर्षो से संचालित सरस्वती शिशु मंदिर जामगांव आर लोगो के लिए वरदान सावित हो रही है जिसका दो दशक से वे स्वयं गवाह है।इस विद्यालय से पढ़कर डॉक्टर इंजीनियर सीए एमबीए सहित विविध छेत्र में सेवा दे रहे बच्चो के माता पिता ऊंचे ओहदों पर अपने बच्चों के संस्कार देखकर अपने आप को धन्य समझते है विद्यालय के लिए कृतज्ञता का भाव व्यक्त करते है। मेरी बच्ची पढ़ाई के साथ बैडमिंटन में राष्ट्र स्तर पर गौरवमय इतिहास रच लिया मुझे इस विद्यालय और अपनी बच्ची पर गर्व है ।विद्यालय से मिल रही संस्कार और सर्वांगीण वरदान सावित हो रही है।स्वागत सत्कार कार्यालय प्रमुख हथेश्वर साहू प्रधानाचार्य भूमिका साहू ने किया।

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