रायपुर। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को वर्तमान में छत्तीसगढ़ में छठवें वेतनमान के अनुशंसा के अनुरूप मात्र 10% गृह भाड़ा भत्ता दिया जा रहा है। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों, विद्युत मंडल के कर्मचारियों, यूजीसी के व्याख्याताओं को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति 20% गृह भाड़ा भत्ता सातवें वेतनमान में दिया जा रहा है। प्रदेश में भेदभाव की नीति की निंदा करते हुए कर्मचारी संघ ने बजट पूर्वानुमान प्रस्ताव में छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग को गृह भाड़ा भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के समान 20% दिए जाने का प्रस्ताव सुझाव प्रस्तुत करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक कल्याण संघ के प्रांतीय संरक्षक विजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष टार्जन गुप्ता ने प्रदेश में 1 जनवरी 2016 से प्रभावी सातवें वेतनमान में केंद्रीय कर्मचारियों के समान वेतन भक्तों का पुनरीक्षण न होने से प्रदेश के शासकीय सेवकों को प्रतिमाह वेतन में आर्थिक क्षति हो रही है। साथ ही वर्ष 2016 से 2022 तक का लाखों रुपए का आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार के अंतिम चुनावी बजट मार्च 2022 बजट सत्र पूर्वानुमान प्रस्ताव संबंधी बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के समान सातवें वेतनमान में 20% गृह भाड़ा भत्ता दिए जाने की मांग संघ के प्रदेश अध्यक्ष जी आर चंद्रा, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, संरक्षक अजय तिवारी, जिला शाखा अध्यक्ष रामचंद्र ताण्डी, विमल चंद कुंडू, आलोक जाधव, सुरेंद्र त्रिपाठी, शेखर सिंह ठाकुर, विजय डागा, डॉ अरुंधति परिहार, बिंदेश्वर राम रौतिया, युद्धेश्वर सिंह ठाकुर, केदार जेन, सुनील जरौलिया, कोमल अग्रवाल, मनीष ठाकुर, प्रशांत दुबे, नरेश वाढ़ेर, कमलेश तिवारी, काजल चौहान, पीतांबर पटेल, होरीलाल छेदैया, प्रदीप उपाध्याय, ए जे नायक, प्रवीण ढ़िडवंशी, आदि नेताओं ने चुनाव पूर्व अंतिम बजट सत्र में बजट सुझाव व प्रस्ताव में प्रदेश के कर्मचारियों के आर्थिक क्षति पर रोक लगाते हुए सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता प्रदान करने का सुझाव प्रस्तुत करने की मांग मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री भूपेश बघेल तथा अपर मुख्य सचिव वित्त से की है।
बजट पूर्वानुमान प्रस्ताव में वित्त विभाग एचआरए को शामिल करें- विजय झा
