मानव देह जो मिला है उसे संसारी भोग पर ही न लगाए,साधना कर ईश्वर भक्ति पाने पर लगाए-श्रीश्वरी देवी

रोशन सिंह@उतई । नगर के दशहरा मैदान में कृपालु दरबार समिति द्वारा आयोजित दिव्य दार्शनिक आध्यात्मिक प्रवचन में जगतगुरु कृपालु महाराज की प्रचारिका सुश्री श्रीश्वरी देवी ने प्रवचन के अंतिम दिवस में बताया की भक्ति में अनन्य बनना है। मानव देह जो मिला है उसे संसारी भोग पर ही न लगाए,साधना कर ईश्वर भक्ति पाने पर लगाए।कर्म योग की साधना अपने आप बनेगी,किसी एकांत स्थान पर बैठना होगा, श्याम सुंदर को पाने के लिए एकांत की परम आवश्यकता है,मन को संसार से हटाकर साधना करना होगा। हमारा मन तो अभी मलिन है, और जब तक ये मन निर्मल नहीं हो जाता हम ईश्वर प्राप्ति नहीं कर सकते।

अतः शिष्य अतःकरण (मन) की शुद्धि के पश्चात् वो दिव्य प्रेम दिव्य शक्ति भी गुरू डी प्रदान करता है। अतएव गुरु का स्थान सबसे ऊँचा माना गया हैं।।रूप ध्यान भक्ति का प्राण है।मन के द्वारा स्मरण भक्ति ही होती है।भगवान को जिस रूप में मानेंगे भगवान उसी रूप में आएंगे।ईश्वर जगत में जाने के लिए दीन बनना पड़ेगा,अंहकार को त्यागना होगा तभी ईश्वर को प्राप्ति होगी। भगवत कृपा की प्राप्ति होगी तभी पाप हम मुक्त होंगे।मंगलवार को प्रवचन का अंतिम दिवस था इस अवसर पर प्रवचन स्थल पर फूलो की होली खेली गई इसके अलावा महाआरती भी हुई।जिसमे बड़ी संख्या में श्रोता जन उपस्थित होकर इसका आनंद उठाया।इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष डीकेंद्र हिरवानी चिकित्सक अश्वनी चंद्राकर गिरेंद्र बंभोले हेमंत मढ़ारिया भोला चंद्राकर छत्तर मंडावी रोहित साहू केशरी कुमार साहू भालेंद गजपाल ममता चंद्राकर उमा गंभीर द्रोपदी साहू रागनी साहू भुनेश्वर साहू संतोष बंभोले ललित वर्मा आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *