घटिया निर्माण सामग्री और मोटाई कम होने की शिकायत के बाद बनी बनाई साढ़े तीन लाख की सड़क को निगम ने उखाडा़

  • पार्षद ने मंत्री व आयुक्त से की थी शिकायत/गुणवत्ता जांचने वाले अधिकारी संदेह के दायरे में
  • निगम नोटिस की अनदेखी करने वाले ठेकेदार से अन्य कार्य छीनकर निगम आयुक्त ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही करे?

रिसाली@सतीश पारख। नियमों को ताक पर रख गली सीमेंटीकरण कार्य करने वालेे निर्माण एजेंसी को सबक सिखाने रिसाली निगम ने सख्त कार्यवाही की निगम आयुक्त आशीष देवांगन के निर्देश पर साढ़े तीन लाख रूपए की लागत से बनाई गई सड़क को उखाड़ दिया गया। यह कार्यवाही मंगलवार की शाम रिसाली निगम के पुरैना वार्ड 39 में की गई।

ज्ञात हो की वार्ड पार्षद द्वारा मंत्री व आयुक्त को गुणवत्ताहीन सीमेंटीकरण सहित सड़क की मोटाई निर्धारित मापदंड से कम होने की शिकायत की गई थी । सड़क निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही आयुक्त के निर्देश पर संबंधित सब इंजीनियर ने सूक्ष्मता से न केवल भौतिक सत्यापन किया, बल्कि शिकायतकर्ताओं को स्थल पर बुलाकर बयान भी लिया। इसके बाद निर्माण एजेंसी श्री इंटरप्राइजेस वी आई पी नगर रिसाली को नोटिस जारी करते हुए गुणवत्ता में सुधार लाने की हिदायत दी गई। इसके बाद भी निर्माण एजेंसी द्वारा निगम के नोटिस को दर किनार कर कार्य जारी रखा गया। सब इंजीनियर अखिलेश गुप्ता ने बताया कि लगातार नोटिस और कार्य में सुधार नहीं लाने की वजह से सड़क को उखाड़ने की कार्यवाही की गई।

सत्तर मीटर सड़क का हो चुका था निर्माण

जानकारी के मुताबिक नगर पालिक निगम के वार्ड क्र. 39 एनएसपीसीएल पुरैना में तीन अलग-अलग स्थानों पर गली सीमेंटीकरण करने कुल 8 लाख स्वीकृत किया गया है। जिसमें से पप्पू मिश्रा के निवास स्थान से रामचरण निर्मलकर घर तक कुल 70 मीटर गली सीमेंटीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक ठेकेदार ने साढ़े तीन लाख रूपए खर्च करना बताया था। जांच के दौरान निगम अधिकारी ने पाया कि पैसे बचाने ठेकेदार ने घटिया निर्माण किया है।

मंत्री से की गई थी शिकायत

स्थानिय नागरिकों ने आरंभ से घटिया निर्माण की शिकायत क्षेत्रिय विधायक व प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से की थी। नागरिकों का कहना था कि ठेकेदार लापरवाही पूर्वक कार्य कर रहा है। शिकायत करने पर विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। इसी शिकायत के बाद आयुक्त ने न केवल जांच के निर्देश दिए बल्कि पूरे निर्माण कार्य की सूक्ष्मता से माॅनीटिरिंग करने के निर्देश दिए थे।

बैक होल लोडर से उखाड़ी सड़क

लगातार नोटिस दिए जाने का असर नहीं होने पर निगम के अधिकारियों ने मंगलवार की शाम सड़क को उखाड़ने का निर्णय लिया। दोपहर बाद निगम कार्यालय से बैक होल लोडर को पुरैना के लिए रवाना किया गया और निर्माणधिन सड़क को घंटे भर में उखाड़ दिया गया। निगम अधिकारियों ने बताया कि मानकों के अनुरूप उक्त स्थान पर दोबारा सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा।

निगम क्षेत्र के अनेक स्थानों पर गुणवत्ताहीन कार्यों की शंका/अधिकारियों की अनदेखी संदेहास्पद

निगम क्षेत्र में अनेक कार्यों के गुणवत्ताहीन होने की जानकारी भाजपा पार्षदों से मिल रही है किंतु शायद अधिकारियों को किसी की लिखित शिकायत का इंतजार है।अधिकारी यदि बिना किसी शिकायत के ईमानदार कार्यवाही या जांच करे तो अनेक स्थानों पर पुरैना की तहत गोलमाल का खुलाशा होगा।किंतु ऐसा अधिकारी करेंगे नही क्योंकि ठेकेदार की राजनीतिक रिश्तेदारी उन्हे ऐसा करने से रोक सकती है।पुरैना मामले में भी शायद मामला ज्यादा गर्म ना होता तो यह कार्यवाही नही होती किंतु आगामी समय में विधानसभा के चुनाव है शायद इसलिए कुछ एक कामों में अब गुणवत्ता और कड़ी कार्यवाही दिखाना जरूरी है। पीआरओ रिसाली निगम द्वारा जारी व्यक्तय में इस बात का उल्लेख है की नोटिस के बाद भी ठेकेदार द्वारा कार्य जारी रखा गया इस बात को स्पष्ट करता है की आखिर ठेकेदार मनमानी करने पर उतारू क्यों है उन्हे किसका प्रश्रय है यह सब जनता जानना चाहती है निगम आयुक्त इस बात का खुलासा करे की आखिर की निगम की नोटिस के बाद भी ठेकेदार मनमानी किसके इशारे पर कर रहे है ।निगम नोटिस की अनदेखी करने वाले ठेकेदार से दिए गए अन्य कार्यों को छीनकर क्या निगम उन्हे ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही करेगा या पुरैना सड़क उखाड़कर पुनः मनमानी की छूट दे दी जाएगी??

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