रेवेंद्र दीक्षित@छुरा। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र गरियाबंद जिले के रेड क्रॉस सोसाइटी संरक्षक सदस्य समाजसेवी मनोज पटेल ने ब्लड जरूरतमंद मरीजों की बढ़ती समस्या को देखते हुए शासन प्रशासन तक अखबार के माध्यम से संदेश देते हुए कहा स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर शासन प्रशासन करोड़ों रुपए खर्चे कर रही है।लेकिन विडंबना की बात है आए दिन लगातार दुर्घटना व गर्भवती माताओं को प्रसव के दौरान होने वाली खतरा जैसे सिकलिन व थैलेसीमिया बच्चे को ब्लड की लगातार समस्या बढ़ रहे हैं।ऐसे मरीजों को ब्लड के लिए काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।आयुष्मान भारत कार्ड 5 लाख तक की मुफ्त इलाज दिया गया है।लेकिन ब्लड जरूरत पड़ने पर मरीजों को डोनर ढूंढने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र गरियाबंद जिले में विशेष पिछड़ी कमार भुंजिया जनजाति के लोग निवासरत हैं।आज भी ऐसे जनजातियों के लोग जागरूक नहीं है मोबाइल चलाना भी नहीं जानते ऐसे लोगों को ब्लड जरूरत पड़ने पर बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।शासन-प्रशासन बड़ी-बड़ी दावे करती आ रही है विशेष पिछड़ी कमार भुंजिया जनजाति के लिए बड़े-बड़े वादे दावे भी करते हैं।लेकिन आज भी ऐसे जनजातियो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ऐसे लोगों के सुख दुख में हमेशा साथ देने वाले समाजसेवी मनोज पटेल ने महामहिम राज्यपाल महोदया से निवेदन किया।असहाय गरीब ब्लड जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने अपील किया।
