पाटन।विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सेलूद में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर स्वास्थ्य केंद्र के सीएचओ ज्वायसी तथा आरएचओ वंदना चौधरी व प्रीति वर्मा के द्वारा उपस्थित शिशुवती व गर्भवती महिलाओं व ग्रामीणों को निमोनिया के कारण, लक्षण व बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दिया गया जनसमुदाय को बताया गया कि निमोनिया फेफड़ों में रोगाणुओं के संक्रमण से होता है निमोनिया एक गंभीर बीमारी है देश में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण निमोनिया ही है इसलिए निमोनिया के लक्षण को जानना और पहचानना बहुत ही आवश्यक है इसके लक्षणों में खांसी और जुकाम का बढ़ना ,तेजी से सांस लेना ,सांस लेते समय पसली का चलना या नीचे धसना ,तेज बुखार आना इसके प्रारंभिक लक्षण है ।गंभीर लक्षणों में बच्चे का खा पी ना पाना, झटके आना यह गंभीर लक्षण है इसके बचाव के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है साथ ही जन्म के पहले घंटे में स्तनपान आवश्यक है साथ ही बच्चे के जन्म से 6 माह तक केवल मां का दूध ही पिलाना चाहिए,6 माह के बाद ऊपरी आहार शुरू कर देना चाहिए ,पीने के पानी को ढक रखा जाना चाहिए ,बच्चे के शरीर को ढक कर रखना चाहिए ,सर्दियों में ऊनी कपड़े और मोजे का प्रयोग करना चाहिए साथ ही निमोनिया के बचाव के लिए पीसीवी वैक्सीन निर्धारित समय अवधि में बच्चे को जरूर लगवाना चाहिए इन बातों पर विशेष ध्यान देकर बच्चों को निमोनिया जैसी खतरनाक बीमारी से बचाया जा सकता है ।साथ ही बच्चों में प्रति मिनट श्वसन गति नाप कर निमोनिया के संभावना को जाना जा सकता है जैसे कि 0 से 2 माह तक की शिशु का प्रति मिनट सांस की गति 60 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, 2 माह से 1 साल तक की शिशु का सांसो की गति 50 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए ,1 साल से 5 साल तक के शिशु का सांस की गति 40 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इन सब बातों पर ध्यान देकर निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से शिशुओं का बचाव किया जा सकता है ।इस अवसर पर सेलूद पर्यवेक्षक आर के टंडन ,अमरीका देशलहरे व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
विश्व निमोनिया दिवस पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सेलूद में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
