छत्तीसगढ़ की उभरती कलाकार 14 साल की आरू का विरोध…

  • छठी मईया और सूरज देवता का गीत गाने पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने चलाया बायकॉट आरू अभियान,वहीं साहु समाज ने चलाया आई सपोर्ट आरु अभियान

दुर्ग (news24carate@सतीश पारख)। छत्तीसगढ़ की बाल कलाकार आरू साहू अपने एक गीत को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. इस गाने को लेकर कुछ लोग आरू का विरोध कर रहे हैं. एक तरफ छत्तीसगढ़ की बेटी आरू साहू के गाने का विरोध कर कुछ विरोधी दल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में हैशटेग बायकॉट आरू साहू चला रहे हैं, तो दूसरी तरफ समाज के लोग आरू साहू का पूरा सपोर्ट कर हैसटैग आई सपोर्ट आरू साहू चला रहे हैं. इस पूरे मामलें में आरू की मम्मी पूर्णिमा साहू ने कहा कि ये आरू साहू की छवि को खराब करने के लिए छत्तीसगढ़ के ही कुछ कालाकारों और क्रांति सेना वालो ने ऐसा किया हैं. उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं. जिस उम्र में बच्चे जीन्स टॉप पहनने का शौक रखते हैं, उस उम्र में आरू अपनी छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में सोचती है.

आरू साहू के परिजनों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के कुछ कलाकार ही हैं जो आरू के कॉम्पटीटर हैं, ये उनकी ही साजिश है. आरू को ढाल बनाकर नाम खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. आरू छत्तीसगढ़ की बेटी है, उसे नेशनल लेवल तक ले जाना है, फिलहाल आरू को इन सब बातों से दूर रखा गया है.

बता दें कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के लोग सोशल मीडिया में छत्तीसगढ़ की बाल कलाकार आरू साहू के द्वारा छठी मइया और सूरज देवता के लिए गाए गए गाने का विरोध कर रहे हैं. क्रांति सेना की मानें तो छत्तीसगढ़ की बेटी ने दूसरे राज्य का गाना गाया इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है. इसे देखते हुए आरू साहू ने अपने एक वीडियो में कहा है कि उनका मकसद किसी को आहत करना नहीं है. आरू ने कहा कि फिर भी यदि किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगती हूं.

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