कार्यपरिषद में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को शामिल करने संघ ने 14 साल तक किया प्रयास


रायपुर—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ प्रत्येक राज्यपाल एवं कुलाधिपति, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं उच्च शिक्षा मंत्री से कार्य परिषद में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को शामिल करने 2008 से विभिन्न माध्यमों से प्रयास किया, जिससे कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके , लेकिन 14 साल बीतने के बाद भी एक कर्मचारी प्रतिनिधि को कार्यपरिषद सदस्य नहीं बनाया गया ।
संघ के पूर्व अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर एवं पूर्व सचिव प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्य शासन द्वारा 2005 में विश्वविद्यालय सभा को समाप्त किया एवं कार्य परिषद में 5 विधायकों को शामिल किया, लेकिन एक कर्मचारी प्रतिनिधि को कार्यपरिषद सदस्य नहीं बनाया गया । तब से संघ लगातार 2008 ,2011, 2012, 2013 ,2015 एवं 2017 तक कार्य परिषद सदस्य बनाने की मांग करता रहा, लेकिन सफल नहीं हुआ । 2019 में संघ के फिर से पदाधिकारी बनने के बाद इस प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री एवं मुख्य सचिव को 5 मार्च 2020 को पत्र प्रेषित कर पूर्व के कुलाधिपतियो द्वारा समय-समय पर संस्था हित में दिए गए उद्बोधन कि। ,,, कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित निदान हो ,जिससे विश्वविद्यालयों में धरना ,प्रदर्शन, हड़ताल की स्थिति का सामना ना करना पड़े । ऐसे दूषित वातावरण से विश्वविद्यालयों द्वारा समय पर एकेडमिक कैलेंडर का पालन नहीं होता एवं कर्मचारियों के समय पर समस्याओं के निराकरण नहीं होने से कर्मचारी हतोत्साहित होकर कार्य करते हैं, जो किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है । ,,,, कुलाधिपतियो द्वारा दिए गए निर्देशों का सम्मान करते हुए संघ ने कार्यपरिषद में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को शामिल करने 34 पृष्ठ का दस्तावेज भेजकर आग्रह किया था। संघ द्वारा इस मांग को लेकर 2 दिसंबर 2020 को राजभवन में जाकर कुलाधिपति जी को कर्मचारी पीड़ा से अवगत कराते हुए एक कर्मचारी प्रतिनिधि को कार्य परिषद सदस्य बनाने का आग्रह किया था , इस पर कुलाधिपति ने प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया था, जिसका पालन करते हुए संघ ने 9 दिसंबर 2020 को कारणों का उल्लेख कर 15 पृष्ठ का दस्तावेज पुनः भेजा था , जिसमें 19 अप्रैल 2017 को समन्वय समिति में पूर्व कुलाधिपति टंडन जी द्वारा दिए गए निर्णय का हवाला दिया गया था। संघ को विश्वास था कि इस मांग के पूरा हो जाने से अधिकांश छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान कार्यपरिषद स्तर पर हो जाएगा, लेकिन अंत तक कार्य परिषद में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया, जिससे संघ को विवश होकर समस्याओं के निराकरण कराने के लिए 2021 एवं 2022 में धरना प्रदर्शन के साथ-साथ लगातार तीन बार हड़ताल करना पड़ा ।संघ पुनः प्रदेश के राज्यपाल से एक कर्मचारी प्रतिनिधि को कार्यपरिषद में शामिल करने का आग्रह किया है ।
श्रवण सिंह ठाकुर पूर्व अध्यक्ष, प्रदीप कुमार मिश्रा पूर्व सचिव, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ रायपुर।

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