सफलता की कहानी:मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का मिला लाभ एनिमिक महिला हुई सुपोषित

पाटन. महिला एवं बाल विकासपरियोजना पाटन के ग्राम सेमरी की निराश्रित महिला दुर्गा जो स्वयं अकेले अपने बच्चे का लालन पालन कर रहीं है। अक्टूबर में जब मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान जिले में आरम्भ किया गया तब दुर्गा का हीमोग्लोबिन 9 ग्राम था उसका एक 3 माह का बच्चा था जो स्तनपान पर निर्भर था । महिला के निराश्रित होने के कारण उसे लालन पालन में भी कठिनाई थी। जिला खनिज न्यास निधि से 11 नवम्बर से एनिमिक महिलाओं को प्रतिदिन दोपहर गर्म भोजन दिया जा रहा था दुर्गा रोज बच्चे को लेकर ही भोजन करने आती। लॉकडाउन में जब आंगनबाड़ी बन्द हुई तो कार्यकर्ता द्वारा घर जाकर राशन दिया गया। इसके बाद जब पर्यवेक्षक समता सिंह द्वारा सत्यापन किया गया तो पता चला कि कार्यकर्ता द्वारा प्रदाय राशन से ही वह भरण पोषण कर रही है । इसके अलावा ग्राम के अन्य लोगो द्वारा भी उसे सहयोग दिया जा रहा है। आज दुर्गा का पुत्र 10 माह का हो चुका है और पूर्णतः स्वस्थ है और उसका हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम से अधिक हो चुका है। उसे बच्चे की जन्मतिथि/वजन पूछने पर वह कार्यकर्ता को ही पूछती है। और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए कार्यकर्ता उषा वर्मा को धन्यवाद देती है। यह बताता है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं किस प्रकार पोषण संगवारी, महतारी संगवारी की भूमिका निभा रही हैं और प्रत्येक जरूरतमंद माँ और बच्चे तक पहुंच कर अपना कर्तव्य पूरे समर्पण के साथ निभा रहीं हैं।

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