दर्जशुदा बच्चे अनुपस्थित व साफ सफाई की कमी तथा अव्यवस्था के चलते हटाए गए अधीक्षक गढ़ेवाल को पुनः अधिक्षकीय प्रभार

0 तत्कालीन कलेक्टर 23 अप्रैल 2017 को किया था निरीक्षण

भुवन पटेल@कवर्धा।,आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति के बच्चो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश से सरकार के द्वारा छात्रावास और आश्रम शाला का संचालन किया जा रहा है । जहां पर बच्चो को आवासीय शिक्षा प्रदान किया जाता है लेकिन उन बच्चो के भोजन, नाश्ता सहित अन्य देखभाल के लिए शासन द्वारा शिक्ष्यावृति दिया जाता है जिसमे काटामारी कर व्यवसाय समझकर कुछ शिक्षक अधीक्षक बनने को आतुर हो जाते है । आदिवासी बालक आश्रम तरेगाव जंगल में 2017 में अव्यवस्था के चलते हटाए गए अधीक्षक को पुनः अधिक्षकीय प्रभार दिया गया है जो लोगो में चर्चा का विषय बना है साथ ही विभाग के कार्य प्रणाली पर भी सवाल पैदा होता है ।

गढ़ेवाल पर ये लगे थे आरोप

कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) कबीरधाम के आदेश
सं. 153/आजाक/शी स्था./2017-18 कबीरधाम, दिनांक 24/04/2017 को पारित किया जिसमे आदिम जाति तथा अनु जति विकास विभाग द्वारा संचालित आदिवासी बालक आश्रम शाला तरेगांव जंगल विकास बोडला जिला कबीरधाम का कलेक्टर द्वारा दिनांक 23.04.2017 को आकस्मिक निरीक्षण किया गया है निरीक्षण दौरान आश्रम शाला में दर्जशुदा बच्चों अनुपस्थित पाये गये तथा संस्था परिसर में साफ-सफाई की कमी एवं अव्यवस्था पाये जाने के फलस्वरूप कलेक्टर द्वारा दिये निर्देशानुसार आदिवासी बालक आश्रम तरेगांव जंगल में प्रभारी अधीक्षक शंभूराम गढेवाल सहायक शिक्षक पंचायत को तत्काल प्रभाव से अधीक्षकीय प्रभार से पृथक करते हुए उक्त संस्था का अधीक्षकीय प्रभार खोवाराम गेन्ड्रे सहायक शिक्षक पंचायत आदिवासी बालक आश्रम तरेगाव जंगल को अन्य आगामी आदेश पर्यंत संपादित करने हेतु आदेशित किया जाता है। साथ ही यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा उल्लेखित था ।

गढ़ेवाल पुनः अधीक्षकीय प्रभार

शिक्षक गढ़ेवाल का प्रमोशन पश्चात् उसी संस्था में प्रधानपाठक का दायित्व मिला है जिसे कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) कबीरधाम ,आदेश क्रमांक/25/आजाक / शि.स्था./2022-23
कबीरधाम, दिनांक. 11/10/2022 पारित कर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग जिला कबीरधाम अंतर्गत संचालित छात्रावास/आश्रम शाला के सुव्यवस्थित संचालन के दृष्टिकोण से प्रशासनिक व्यवस्था अंतर्गत निम्नानुसार शिक्षक संवर्ग को उनसे प्राप्त आवेदन के आधार पर उनके नाम के सम्मुख कॉलम नंबर 04 में दर्शित संस्था में अधीक्षकीय प्रभार दायित्व अन्य आगामी आदेश पर्यन्त अस्थाई रूप से संपादित करने हेतु आदेशित किया जाता है।
वर्तमान पदीय दायित्व के साथ-साथ आदिवासी बालक आश्रम तरेगांव जंगल श्री शंभुराम गढ़वाल प्रधान पाठक (एल.बी.)आदिवासी बालक आश्रम तरेगांव जंगल, वि.खं. बोड़ला
प्रधान पाठक (एल.बी.) / प्रभारी अधीक्षक को आदिवासी बालक आश्रम तरेगांव जंगल विकासखंड बोड़ला के अधीक्षकीय प्रभार से मुक्त करते हुए उनकी सेवायें स्कूल शिक्षा विभाग में मूल पदीय दायित्व अनुसार प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला बरपानी वि.खं. बोड़ला को वापस किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा किया गया है ।

व्यवस्था सुधार की चर्चा जोरों पर

बोडला विकासखंड बैगा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के रूप में जाना और पहचाना जाता है , तारेगाव जंगल के आदीवासी बालक आश्रम में गंदगी , अव्यवस्था को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर के निरीक्षण के उपरांत सहायक आयुक्त को आदेश देकर उक्त अधिक्षक को हटाया गया था । उक्त अधिक्षक को अधीक्षक पद के लाभ का ज्ञान होने के कारण पुनः अधीक्षक बनने के लिए आवेदन दिया । उनको मालूम है कि उस समय के कलेक्टर और सहायक आयुक्त नही है । जिसका लाभ लेने अधीक्षक बनने के लिए आवेदन दिया और वर्तमान में पदस्थ अधिकारी को पूर्व की जानकारी का आभाव के कारण पुनः अधिक्षकीय दायित्व दे दिया गया लेकिन क्या व्यवस्था में सुधार हो पाएगा या पुराने रवैया में संचालन होगा जो लोगो में चर्चा का विषय बना हुआ है ।

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