महामाया मन्दिर के मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में सपरिवार सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
विक्रम शाह ठाकुर@कुम्हारी । विजयादशमी के पावन अवसर पर सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति कुम्हारी द्वारा प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी मां महामाया मंदिर मैदान में विजयादशमी पर्व पर मेला आयोजित किया गया । रावण दहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सपरिवार सम्मिलित होकर नगरवासियों को हार्दिक शुभ कामनाएं मंच से प्रेषित किया । उन्होंने उपस्थित आयोजक समिति व रामायण मंडली सहित हजारों की संख्या में मौजूद दर्शकों का अभिवादन करते हुए विजयदशमी की सभी को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि इस शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों मां की उपासना कर जोत ज्वारा विसर्जन के बाद विजयदशमी का पर्व मनाया जा रहा है। आज के दिन अहंकार रूपी रावण का वध मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम द्वारा किया गया था । इस दिन असत्य पर सत्य की जीत, बुराइ पर अच्छाई की जीत का प्रतीक व अन्याय पर न्याय की विजय के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व से हमें प्रेरणा लेकर संकल्पित होकर सत्य धर्म न्याय के मार्ग का अनुसरण करना चाहिए इससे स्वयं का परिवार का और प्रदेश का उत्थान होगा । उन्होंने विजयादशमी पर्व के अवसर पर प्रदेश के लोगों के खुशहाल जीवन की कामना की । समिति द्वारा 50 फिट का रावण जलाया गया वहीं आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा के कारीगरों द्वारा बनाये गए आतिशबाजी से लोगों का मनोरंजन हुआ जिससे शाम होते ही रंग बिरंगे फटाकों से आकाश जगमगा उठा। प्रत्येक वर्ष की तरह सार्वजनिक दशहरा समिति कुम्हारी के आयोजकों ने इस गरिमामई परंपरा को बनाये रखा। मंच पर स्थानीय कलाकारों द्वारा राम रावण संवाद एवं युद्ध का आकर्षक मंचन प्रस्तुत किया गया जिसका आनंद मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ लिया ।
इस ऐतिहासिक पल को देखने सुनने के लिए हजारों की संख्या में नगरवासी व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की धर्म पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल, पुत्र चैतन्य बघेल, उनकी बहू व उनकी पुत्री भी निर्धारित समय से अधिक देर तक उपस्थित रहे और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया । आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति में पालिका अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर, उपाध्यक्ष के. रविकुमार, पार्षद मनहरण यादव, प्रमोद राजपूत, ओमनारायण वर्मा, थनेश पटेल, पवन अग्रवाल, शीश बंसल, महेश सोनकर , विष्णु देवांगन, नोबल सिन्हा सहित बड़ी संख्या में अन्य सदस्यों ने अपना अथक योगदान दिया ।