रायपुर. देश के सभी राज्यों में 25 मार्च से 14 अप्रेल तक उसके बाद 3 मई और अब 17 मई तक लॉकडाउन घोषित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की अवधि में दुकान, वाणिज्यिक संस्थान, कारखाने और वर्कशॉप बंद होने के कारण कोई भी नियोजक किसी श्रमिक को नौकरी से नहीं निकाल सकेंगे कहा था। स्थाई और अस्थाई दोनो को सैलरी नही देने वाले कंपनियों पर करवाई करने की बात कही गई थी।
लेकिन छत्तीसगढ़ में सिलतरा के API इस्पात एंड पावरटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए इस कम्पनी में वायर ड्रम में एच बी आपरेटर पद में कार्यरत श्रमिक को कंपनी ने काम से निकाल दिया है। छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री शिव डहरिया ने भी एक बयान जारी कर कहा था कि लॉक डाउन में नौकरी से निकाले जाने की शिकायत मिलने पर कड़ी करवाई की जाएगी।
श्रमिक लक्ष्मीकांत साहू ने News24carate को बतलाया कि वे उक्त कंपनी में 3 जुलाई 2018 से कार्यरत हैं। लॉक डाउन के दौरान 24 अप्रैल को मेंटनेंस के दौरान डयूटी आया तो उसके इंचार्ज ने कहा कि उन्हें कुछ जरूरी काम से एच आर ऑफिस में बुलाया गया है। वे जब एच आर ऑफिस गए तो वहां पर एच आर प्रमुख ने बोला कि लॉक डाउन के समय में मेंटनेंस के काम करने वाले सभी श्रमिकों को एक जरूरी फॉर्म भरवाया जा रहा है। और उसने एक कोरा कागज दे कर कहा कि इसमें साइन कर दो । उसमे साइन करने के बाद होता ने उस कोरे कागज में उनका रिजाइन लिख दिया और बोला कि तुम्हारा रिजाइन हो गया है और कल से ड्यूटी नहीं आना। एच आर को इस दौरान लक्ष्मीकांत ने निवेदन करते हुए कहा कि मुझे रिजाइन नहीं देना है,क्यों कि मुझे काम की बहुत जरूरत है।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बटरेल, थाना- रानितराई थाना, जिला दुर्ग निवासी लक्ष्मीकांत साहू भिंभौरी में किराए पर रूम लेकर सिलतरा के।कंपनी में काम करते है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं।
लक्ष्मीकांत साहू ने मुख्यमंत्री एवं श्रम आयुक्त के अधिकारियों से निवेदन किया है कि उचित कार्यवाही करते वापस api ispat & powertech pvt ltd में ड्यूटी पर लगवाया जाए।
मजदूर ने लगाई मदद की गुहार देखें वीडियो…

