शौर्य संगठन ने बस्ता कार्यक्रम की शुरुआत की

  • बस्ता कार्यक्रम के अंतर्गत दो हजार स्कूली बच्चों को शिक्षण सामग्री बांटेगी शौर्य संगठन

उतई। बी एजुकेटेड मूवमेंट संयुक्त राष्ट्र अमेरिका व नेहरू युवा केन्द्र दुर्ग युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत से सम्बद्ध शौर्य युवा संगठन आदर्श ग्राम कोड़िया के द्वारा हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर शिक्षा क्षेत्र में आधारीय शिक्षण को मजबूती प्रदान करने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम बस्ता की शुरुआत की गई।
शौर्य युवा संगठन के मीडिया प्रभारी एवं सचिव आदित्य भारद्वाज ने बताया कि संगठन के शिक्षा एवं पुस्तकालय विभाग द्वारा संचालित शिक्षित बनो अभियान अंतर्गत 24 सितम्बर को प्राइमरी स्कूल कोकड़ी में बस्ता कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चालू शिक्षण सत्र में दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा सहित चयनित जिलों के लगभग दो हजार स्कूली बच्चों को शिक्षण सामग्री प्रदान की जाएगी। जिसमें बच्चों को तीन चरणों में स्कूली बच्चों को बैग, पेंसिल, पेन, कॉपी सहित अन्य जरूरी वस्तुएं प्रदान की जाएगी।
शौर्य संगठन अध्यक्ष फलेंद्र पटेल ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा बस्ता कार्यक्रम के अंतर्गत प्राइमरी और मीडिल स्कूल के बच्चों के आधारीय शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए बच्चों को स्कूल की ओर आकर्षित करना शाला त्यागी बच्चों की संख्या को कम करना एवं जरूरतमंद बच्चों को शिक्षण सामग्री प्रदान कर उन्हें पढ़ाई के प्रति जागरूक करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। पहले चरण में राज स्क्रीन फोटोकॉपी बोरसी, पलक राठौड़, तृप्ति सूर्यवंशी के सहयोग से पांच सौ बच्चों को पेंसिल पैकेट, अनारखडी, नम्बर्स बुक आदि प्रदान किये जाएंगे। जिसकी शुरुआत कोकड़ी के 80 बच्चों को प्रदान कर की गई है।
शौर्य संगठन के बस्ता कार्यक्रम की शुरुआत के लिए मिडिल स्कूल गोरकापार हेडमास्टर खुमान सिंह भारद्वाज, प्राइमरी स्कूल कोकड़ी हेडमास्टर संदीप यादव, सहायक शिक्षक शशीलता चतुर्वेदी, सविता प्रसाद ने सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शौर्य संगठन के शिक्षा एवं पुस्तकालय विभाग प्रभारी सुरेश साहू, कार्यक्रम समन्वयक व एनवाईवी यादवेंद्र साहू, राजस्क्रीन फोटोकॉपी व स्टेशनरी बोरसी संचालक निलेश्वर साहू, समाजसेवी व सहायक प्राध्यापक तृप्ति सूर्यवंशी, समाजसेवी पलक राठौड़, एकता युवती मंडल कोकड़ी अध्यक्ष प्रियंका साहू, सचिव आकांक्षा साहू, सदस्य डुलिया चन्द्राकर, डाली चन्द्राकर, कामेश्वरी साहू, स्वयंसेवी शिक्षक पिंकी सेन, कल्याणी सेन व स्कूल स्टॉफ का योगदान सराहनीय रहा।

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