अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर 18 दिन भी डटे रहे रसोईया कल्याण संघ……

  • स्कूलों में मध्यान भोजन की व्यवस्था चरमराई….

रोशन अवस्थी@देवभोग। छत्तीसगढ़ स्कूल मध्यान भोजन रसोईया सयुक्त महा संघ अपनी तीन सूत्रीय मांग कलेक्टर दर पर मानदेय ,नियमितीकरण रसोइयों को कार्य से ना निकालने की मांग को लेकर 4 तारीख से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ब्लाक स्तर पर रसोइया कल्याण संघ अपनी तीन सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
देवभोग ब्लॉक के करीब 403 रसोइया कल्याण संघ अपनी तीन सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल के 18 वे दिन भी डटे रहे। और अपनी मांग को लेकर सरकार को लगातार अवगत कराते आ रहे हैं।
रसोईया संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि हम पिछले 20 साल से अधिक समय से कार्य कर रहे हैं। परंतु सरकार हमें सम्मानजनक वेतन नहीं दे रही है। और सरकार की ओर से हर बार हमें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल रहा है ।और आश्वासन मिलते मिलते करीब 20 साल होने को है। लेकिन तत्कालीन बीजेपी सरकार व वर्तमान कांग्रेस सरकार का हमें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। और दोनों सरकार हमें अब तक छलने का कार्य लगातार करते आ रहे हैं।
मौजूदा समय में हमें 15सौ रूपये मानदेय दिया जा रहा है। जिससे कि अपना व अपने परिवार का भरण पोषण महंगाई के जमाने में करना काफी मुश्किल हो रहा है। महंगाई आसमान छू रही है। रसोइया संघ ने आगे कहा कि सरकार की नाकामी के चलते हमें काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। संघ का और भी कहना है कि हमारा यह आंदोलन उस वक्त तक चलेगा जब तक सीएम भूपेश बघेल हमारी मांगों को पूरा नहीं करेंगे। ब्लॉक स्तर पर धरने पर बैठे रसोइया संघ ने बुधवार को भूपेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार को चेतावनी दी।
रसोईया संघ ने बताया कि चुनाव के पूर्व कांग्रेस सरकार जन घोषणा पत्र में रसोइया को कलेक्टर दर से मानदेय देने सहित कई अन्य वादे किए थे। परंतु इतना समय बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं किया गया हैं। इसलिए इसी वजह से हड़ताल जैसे कदम उठाने को हम मजबूर हो गए हैं।
रसोईया का पूर्ण कालीन 6 घंटे के होने के बावजूद न तो शासकीय नियमित कर्मचारी माना जाता है और ना ही न्यूनतम वेतन मिलता है। और वेतन के रूप में 15 सो रुपए अभी दिया जा रहा है। शासन द्वारा भोजन पकाने की कार्य को महज डेढ़ घंटे का माना जा रहा है। जबकि इतने समय में तो पानी भी गर्म नहीं हो पाता है। रसोइया संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निवेदन किया कि रसोईया को प्रतिमाह 9180 रूपये मानदेय की राशि दिया जाए।

स्कूलों के मध्यान भोजन व्यवस्था चरमराई…..
रसोईया संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से स्कूलों के मध्यान भोजन व्यवस्था चरमरा सी गई है। क्योंकि अधिकांश स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद पड़ा है। हालांकि विकासखंड स्तर बी ईओ सभी स्व सहायता समूह को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन संचालित हों ।लेकिन कुछ छूट मूट स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन संचालित नहीं हो रहा है ।और पूरे क्षेत्र में व्यवस्था ठप पड़ी हुई है।

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