उतई ।शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशाषी महाविद्यालय, दुर्ग के, इतिहास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ की विलुप्तप्राय मटपरई भित्ति शिल्पकला का प्रशिक्षण कार्यशाला 19 सितंबर से 30 सितंबर 2022 तक लगाया गया है,जहाँ विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मटपरई शिल्पकार अभिषेक सपन(ग्राम डूमरडीह) द्वारा दिया जा रहा है।इस विषय मे ग्राम पंचायत डूमरडीह की सरपंच चक्षुप्रभा ने, मटपरई शिल्पकला के प्रशिक्षण कार्यशाला को, विलुप्त होती शिल्पकला को बचाने का सहरानीय कदम बताया है।मटपरई शिल्पकला वो कला है, जिसमे मट का अर्थ होता है, मिट्टी और परई का अर्थ होता है, कागज की लुगदी व खली, तीनों के मिश्रण को सड़ा कर बनाई गई कलाकृति “मटपरई” भित्ति शिल्पकला कहलाती है। जिसके अंतर्गत टोकरी, घरों में सजाने के सामान,बच्चो के खिलौने,व अन्य कलात्मक वस्तुएं बनाए जाती हैं।
मटपरई भित्ति शिल्पकला का प्रशिक्षण कार्यशाला 19 से 30 सितंबर तक
