पाटन–किसी भी रोगी की स्वास्थ्य देखभाल में दवाएं सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली हस्तक्षेप हैं, और दवा से संबंधित नुकसान असुरक्षित देखभाल के कारण कुल रोकथाम योग्य नुकसान का सबसे बड़ा अनुपात है, इस तरह के नुकसान से लगाए गए आर्थिक और मनोवैज्ञानिक बोझ को तो छोड़ ही दें। इस भारी बोझ को स्वीकार करते हुए और दवा से संबंधित नुकसान की रोकथाम और कमी की जटिलता को पहचानते हुए, “दवा सुरक्षा” को विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2022 के विषय के रूप में चुना गया है।
दवा सेवन से पहले रोगी और उनके देखभाल करने वाले सदस्य को दवाई का सेवन करने के पूर्व सुरक्षा के तौर पर यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि (1) जो दवाई का सेवन कर रहे हैं वह वही दवाई है कि नहीं जिसे आपके चिकित्सक ने लेने की सलाह दी है। (2) जिस समय दवाई सेवन करने की सलाह दी है उसी समय दवाई का सेवन कर रहे हैं कि नहीं ? (3) दवाई को खाने के पूर्व जो परहेज करने की सलाह दी गई है उसका अनुपालन कर रहे हैं कि नहीं?? (4) आपके पास उपलब्ध दवाई की अवसान तिथि (एक्सपायरी डेट) का अवलोकन कर लेवेँ। (5) जितने अवधि के लिए दवा सेवन की सलाह दी गई है उसका अनुपालन कर रहे हैं कि नहीं? (6) जिन दवाओं को किसी अन्य दवाओं से साथ मिलाकर सेवन नहीं करने की सलाह दी गई है उसे दवा सेवन के पूर्व सुनिश्चित कर लेना चाहिए। (7) किसी दवा के सेवन से किसी प्रकार की एलर्जी होती है तो तत्काल अपने चिकित्सक से संपर्क कर उचित सलाह लेना चाहिए। (8) किसी दवा के सेवन के पश्चात यदि चिकित्सक ने वाहन नहीं चलाने, किसी मशीन को नहीं चलाने, नदी नाले के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है तो उसका अनुपालन कर रहे हैं कि नहीं?
चिकित्सको, नर्सों ,फार्मासिस्टों, दवाई दुकान संचालकों के लिए रोगी सुरक्षा हेतु बहुत महत्वपूर्ण यह होता है कि दवाई वितरण के पूर्व सात महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए जिससे रोगी को दवा सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की त्रुटियां न हों। इसके लिए 7 Rights of medication administration का विशेष ध्यान रखना चाहिए:-
(1) सही मरीज (2)सही उम्र (3) सही समय (4) सही खुराक (5) सही विधि /माध्यम (6) सही कारण (7) सही दस्तावेजीकरण.
उपरोक्त बातें रोगी सुरक्षा दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन जिला दुर्ग में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण में डॉ आशीष शर्मा बीएमओ पाटन ने ब्लॉक के स्वास्थ्य केंद्रों से उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्सों,फार्मासिस्टों के बीच कहा। कलेक्टर दुर्ग पुष्पेंद्र मीणा के मार्गदर्शन में डॉ जे पी मेश्राम मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग के निर्देशन में स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने कार्य किया जा रहा है।

