ग्राम पंचायत झीट में फ़र्ज़ी बिल लगा कर लाखों रुपये की आहरण करने जनपद सदस्य ने लगाया आरोप

  • सूचना के अधिकार की प्रतिलिपि देने 33 हजार रुपये का किया डिमांड

पाटन। पाटन विधानसभा के ग्राम पंचायत झीट में लाखों का हेरा फेरी का मामला सामने आया है जहां पर फ़र्ज़ी बिल लगा कर सरपंच अपने परिवार व रिश्तेदार के खाते में पैसा आहरण करने का आरोप क्षेत्र के युवा जनपद सदस्य तुलसी अंशु रजक ने लगाया जिसका। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित राज्यपाल से करने की जाएगी।
जनपद सदस्य अंशु रजक ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत में विभिन्न कार्यों के लिए किये गए राशि भुगतान एवं आहरण की जानकारी मांगा था। पंचायत द्वारा दी गई जानकारी में निर्माण कार्यों में भुगतान करने का दिनांक नही है। साथ ही एक व्यक्ति के नाम पर एक ही दिन में दो अलग-अलग कार्यों में मजदूरी भुगतान किया गया है। पंचायत द्वारा मजदूरी भुगतान में अधिकांश कार्यों में कुछ चुनिंदा व्यक्तियों को ही काम पर रख कर भूगतान किया गया है।
एक व्यक्ति एक जगह अंगूठा तो दूसरी जगह हस्ताक्षर
पंचायत द्वारा विभिन्न कार्यों के नाम पर मजदूरी भुगतान की गई है जिसमे एक मजदूर द्वारा कुछ जगहों पर अंगूठे के निशान लगाया गया है वहीं कुछ जगह पर हस्ताक्षर भी किया गया है जो कही ना कही पर गोलमाल किये जाने को दर्शाता है।
एक ही काम का अलग अलग मजदूरी दर
ग्राम पंचायत झीठ में एक ही कार्यों में मजदूरी भुगतान की राशि अलग अलग दर्शायी गई है। जनपद सदस्य श्री रजक ने कहा कि एक ही कार्य का अलग अलग दर से मजदूरी भुगतान कैसे किया जा सकता है। श्री रजक ने सरपंच सचिव पर पंचायत की राशि का दुरुपयोग करने की बात कहते हुए कहा कि योग दिवस के दिन पंचायत द्वारा केवल बैठने के लिये ग्रीन मेट लगाया गया था। जिसका भुगतान 26 हजार से अधिक किया गया है।
सूचना के अधिकार की प्रतिलिपि के बदले 33 हजार की डिमांड
आवेदक द्वारा पंचायत के विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगे जाने पर छायाप्रति के लिये 33 हजार रुपये की डिमांड किया गया था। जिसके बाद आवेदनकर्ता द्वारा कितने प्रति में जानकारी दिये जाने के लिये आवेदन किये जाने के बाद उन्हें 13 हजार रुपये जमा करने कहा गया। आवेदनकर्ता द्वारा 10 हजार रुपये जमा करने के बाद उन्हें 1479 प्रति दिया गया है। पंचायत द्वारा निर्धारित दर के अनुसार आवेदनकर्ता को दी गई जानकारी रु 3237 की होगी। बड़ा सवाल ये है कि जब आवेदनकर्ता द्वारा चाही गई जानकारी 3237 रुपये की मांग आखिर क्यों किया गया था।

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