छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के द्वारा 34 प्रतिशत डीए व सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता देने की 2 सूत्रीय मांग को लेकर 22 अगस्त से अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन से संबद्ध सभी विभागों के कर्मचारी और अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं जिसका व्यापक असर पूरे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है और इस हड़ताल में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ भी शामिल है जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित होने वाले राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम व कोरोना महामारी से बचाव के लिए चलाए जाने वाले कोविड टीकाकरण अभियान ठप्प पड़ गया है क्योंकि कोविड टीकाकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी हड़ताल में है साथ ही गर्भवती महिलाओं और 0 से 5 साल तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए चलाएं जाने वाला नियमित टीकाकरण अभियान भी ठप्प पड़ गया है हड़ताल के कारण मंगलवार को होने वाला नियमित टीकाकरण सत्र नहीं लग पाया जिसके कारण गर्भवती महिलाए व शिशुवती महिलाएं टीकाकरण के लिए भटकती रही साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर से मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही है जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर परिवार नियोजन के स्थाई अस्थाई साधन, महामारी नियंत्रण के कार्यक्रम ,जल शुद्धिकरण, विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन एंट्री ,संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए किए जाने वाले कार्य, सामान्य बीमारियों के इलाज, गर्भवती महिलाओं की जांच व प्रसव आदि के कार्य बंद पड़े हुए हैं स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष पंकज राठौर ने कहा है कि शासन लाखों कर्मचारियों के आर्थिक हितों को कुचलने का प्रयास कर रही है शासन से मांग है कि शीघ्र ही डीए व एचआरए की मांग को पूर्ण किया जाए ।दुर्ग जिले से आरएचओ कैडर के लगभग 250 कर्मचारी हड़ताल पर है।
अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के अनिश्चितकालीन हड़ताल से टीकाकरण सेवाओं पर लगा ग्रहण
