पाटन। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर ग्राम टोलाघाट में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके समापन समारोह के मुख्यातिथि के रूप में श्रीमती हर्षा चन्द्राकर सदस्य जिला पंचायत दुर्ग, अध्यक्षता श्री चिंताराम निषाद पूर्व सदस्य जनपद पंचायत पाटन, विशेष अतिथि लोकमनी चन्द्राकर अध्यक्ष उत्तर मंडल पाटन, थनवार यादव पर्यावरण प्रेमी, मनोज कौशिक प्रधान पाठक, रमऊ यादव थे। दिन में विभिन्न प्रकार के खेल प्रतियोगिता जलेबी दौड़, पानी पीना, सिक्का खोजना, चम्मच दौड़, फुगड़ी सहित कई प्रकार के खेल का आयोजन किया गया। विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। शाम में गाजे बाजे के साथ ग्रामवासियों द्वरा भगवान श्रीकृष्ण एव बलराम के साथ शोभायात्रा कर विभिन्न जगहों पर लगे हांडियों को फोड़कर जन्माष्टमी पर्व मनाया गया। ग्रामवासियों द्वारा पर्यावरण प्रेमी थनवार यादव जी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर अपने उद्द्बोधन मे मुख्यअतिथि श्रीमती हर्षा चन्द्राकर ने ग्रामवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। भगवान श्रीकृष्ण का धरा पर अवतरण धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए हुआ था। जो अधर्म, अन्याय व अत्याचार समाप्त करने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से ज्ञान, कर्म एवं भक्ति योग का जो संदेश दिया, उसकी प्रासंगिकता शाश्वत है। श्रद्धा, आस्था और विश्वास से परिपूर्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व का मानव जीवन में युगों-युगों से विशेष महत्व रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने निष्काम कर्म अर्थात फल की इच्छा किए बिना कर्म करने का संदेश दिया है, जो आज भी हमारे जीवन में प्रासंगिक है। यह पर्व देश और समाज में सौहार्द, भाईचारे एवं एकता को और मजबूती प्रदान करेगा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रभुराम निषाद सरपंच प्रतिनिधि, भीखम निषाद, शैलेश वर्मा, छबिराम, तिरिथ निषाद, श्रीमती उषा निषाद, सतरुपा निषाद, शकुंतला निषाद, कुंजलाल निषाद, यशवंत निषाद, मंगतू निषाद, गिरवर निषाद, मनराखन निषाद, अजुराम निषाद, डोमार निषाद, सुखराम, रमेश वर्मा, सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
भगवान श्रीकृष्ण ने निष्काम कर्म अर्थात फल की इच्छा किए बिना कर्म करने का संदेश दिया है-हर्षा चन्द्राकर
