गरियाबन्द– रेल बोर्ड की बैठक में पीएसी मेम्बर ने गरियाबन्द जिले में टिकट आरक्षण केंद्र खोलने की मांग रखी।ओड़िसा बॉर्डर तक पहूच चुके रेल लाइन को छतीसगढ़ से भी जोड़ने की पुरानी मांग उठाई

रोशन अवस्थी@देवभोग। भारत सरकार रेल मंत्रालय के रेलवे बोर्ड की सदस्य विभा अवस्थी ने बोर्ड की बैठक में राजिम, गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग में रेल्वे टिकिट आरक्षण केंद्र प्रारंभ करवाने की मांग रखी है।विगत दिनों नई दिल्ली रेल्वे भवन में रेल्वे बोर्ड को बैठक आयोजित थी। इसमें छत्तीसगढ़ से रेल्वे बोर्ड की सदस्य एवं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री श्रीमती विभा अवस्थी ने क्षेत्र कि जन हित की प्रमुख मांगो की विस्तार से रखा। बैठक में रेल मंत्रालय PAC समिति के चेयरमैन पी.के कृष्ण दास, रेल्वे के उच्च अधिकारी और सभी सदस्य मौजूद थे। विभा अवस्थी ने आरक्षण केंद्र के अलावा उड़ीसा बॉर्डर तक पहूच चुके रेल लाइन को छतीसगढ़ के गरियाबन्द से जोड़ने जल्द सर्वे कराकर रेल सुविधा प्रारंभ करने की मांग भी प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा की गरियाबंद जिला रायपुर राजधानी को ओडिशा से जोड़ने का एक मात्र सीधा मार्ग है। इस मार्ग में रायपुर से राजिम, गरियाबंद, मैनपुर से होते हुए उड़ीसा बॉर्डर तक रेल सुविधा प्रारंभ करने से व्यापारिक क्षेत्र में विकास की काफी संभावना हैं। इसका लाभ आम नागरिक, व्यापारी, किसानों सहित सभी वर्ग को मिलेगा। इसके अलावा रेल की सुविधा प्रारंभ होने से गरियाबंद जिला भी आधुनिकता के साथ विकास की गति को प्राप्त करेगा। श्रीमती अवस्थी ने अवगत कराया की वर्षो से गरियाबंद जिले को राजधानी रायपुर और ओडिशा बार्डर तक रेल लाइन जोड़ने की मांग लंबित है। कई बार सर्वे हो चुका है। ओडिशा के जूनागढ़ तक रेल लाइन आ चुकी है। जिले में राजिम तक छोटी रेल लाइन भी है। इसे आगे ओडिशा बार्डर तक जोड़ा जा सकता है। उन्होनें बताया की गरियाबंद जिले से बड़ी संख्या में लोग रेल्वे के माध्यम से ही देश के विभिन्न राज्यों में आना जाना करते है, मुख्यालय से रेलवे राजधानी के स्टेशन से संबंधित स्थानों की दूरी काफी दूर है। गरियाबंद मुख्यालय से इसकी दूरी 90 किमी है। दूरी अधिक होने के कारण यहां के लोगों को ट्रेन में सफर/यात्रा करने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिले की जनसंख्या बढ़ने के साथ ही यहां व्यापार उद्योग विकास की भी संभावना है। साथी क्षेत्र के नागरिकों को तत्काल सुविधा प्रदान करने हेतु रेल आरक्षण केंद्र सुविधा प्रारंभ करके आम आदमियों को परेशानी होती उसे बचाया जा सकता है। इसके अलावा बैठक में जबलपुर से रायपुर नई ट्रेन इंटरसिटी प्रारंभ करने, महासमुंद में नेशनल हाइवे पर फ़्लाई ओवर निर्माण की भी मांग रखी। कोमाखान में क्लिक करके लोडिंग अनलोडिंग का मुद्दा भी गंभीरता से रखा। इसके अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के निरीक्षण के बाद जांच रिपोर्ट पेश की संबलपुर डिविजन, नागपुर डिविजन, रायपुर डिविजन, बिलासपुर डिविजन की यात्री सुविधा विषयों की लिपिबद्ध एवं मौखिक जानकारियां दी गई। मूलभूत समस्याओं को तत्काल दूर करने की अधिकारियों को आदेशित किया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के यशस्वी नेतृत्वकर्ता केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह की मांग पर अंबिकापुर से देश की राजधानी दिल्ली तक नई ट्रेन चलाई जाने पर छत्तीसगढ़वासियों की ओर से धन्यवाद एवं आभार भी जताया।

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