रोशन अवस्थी@देवभोग: नगर सहित आसपास अंचल में हलषष्ठी का पर्व संतान की दीर्घायु की कामना को लेकर माताओं ने उपवास रहकर मनाया। यह व्रत मान्यता के अनुसार हलषष्ठी (कमरछट) भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में हलषष्ठी मनाई जाती है। छत्तीसगढ़ में यह त्यौहार कमरछठ के नाम से मनाया जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में तालाब के प्रतिरूप स्वरूप सगरी बनाई जाती है। महिलाएं इकट्ठा होकर पसहर चावल, काशी फूल, महुआ पत्ते, लाई अर्पित कर भगवान शिव और सगरी की पूजा-अर्चना करती हैं। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अपने बच्चों के स्वास्थ्य, लंबी उम्र और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है,बच्चे स्वस्थ और खुशहाल रहें।
शशि अवस्थी सर्व ब्राह्मण समाज के जिला उपाध्यक्ष श्री मति शीतला पांडेय सुनीता अवस्थी लता अवस्थी सरोज अवस्थी आदि ने हलषष्ठी पर की बधाई एवं शुभकामना दी।
