विश्व आदिवासी दिवस पर उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न होने से नाराज कर्मी आंदोलन की राह पर



रायपुर—छत्तीसगढ़ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने विश्व आदिवासी दिवस पर कृषि विभाग के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के याचिका क्रमांक 4742/ 2019 में पारित आदेश दिनांक 7 अप्रैल 2022 का आज तक पालन न करने तथा प्रदेश सरकार द्वारा नियम विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों को संरक्षण प्रदान कर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हजारों वरिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित करने का आरोप लगाते हुए शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा से मौन रैली निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की है
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय लहरे एवं प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संरक्षक विजय कुमार झा ने बताया है कि कृषि विभाग में छत्तीसगढ़ पदोन्नति नियम 2003 को अधिकारियों ने स्वेच्छाचारिता से संशोधित कर वरिष्ठता सह उपयुक्तता के सिद्धांत के विपरीत 235 कनिष्ठ कृषि अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान प्रदान कर वर्ष 1998 में विशेष भर्ती अभियान के तहत नियुक्त आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों की उपेक्षा कर 2008 में नियुक्त कृपापात्र सामान्य कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान करने के खिलाफ जब मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुनवाई नहीं किया तब उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई। माननीय उच्च न्यायालय के युगल पीठ ने 235 अवैध कृषि विकास अधिकारियों को दिए गए पदोन्नति संशोधन नियम एवं आदेश को अल्ट्रा वायरस घोषित कर दिया है। आदेश की सूचना कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व कृषि मंत्री को देने के बाद भी विगत 4 माह से आदेश का पालन न करने व भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान करने से नाराज लगभग 1000 आरक्षित वर्ग के कर्मचारी शीघ्र सितंबर माह में अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए कृत संकल्पित हैं। पदोन्नति नियम में संशोधन कर सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकार क्षेत्र का भी हनन किया गया है। संघ के संरक्षक एन पी आड़े तृतीय वर्ग प्रदेश अध्यक्ष अजय तिवारी, उमेश मुदलियार, रामचंद्र ताण्डी, संजय शर्मा विश्वनाथ ध्रुव, सीएल दुबे, नलिनी चंद्राकर, आर एल गुप्ता, ओ पी अवस्थी, आर के बोकड़े, एच एस राजोरिया, अनिता सोनी, मंजू तिर्की, ममता ठोके, बीके गनवीर, एच एल शाक्य, ए के आर्य सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति जनजाति के पीड़ित कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने तथा दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है।

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