लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद/राजिम
गरियबन्द जिले के राजिम विधानसभा कांग्रेस के गढ़ राजिम ब्लॉक मुख्यालय में रोजगार और बेरोजगारी भत्ता को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने साढ़े तीन साल में चुनावी जन घोषणा पत्र में युवाओं के लिए किए गए वायदों को अब तक पूरा नहीं कर पाई है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के साथ किए गए वादाखिलाफी को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा सड़क की लड़ाई लड़ रही है। युवाओं को नौकरी और शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर राज्य सरकार चुप्पी साधे हुई है। युवाओं को इन्होंने सिर्फ ठगने का काम किया है। धरना प्रदर्शन के पश्चात भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों की संख्या में बरसते पानी के बीच पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष योगीराज माखन कश्यप के नेतृत्व में रोजगार और बेरोजगारी भत्ता को लेकर राजिम स्थित बस स्टेण्ड में धरना प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित कर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया गया। धरना प्रदर्शन में युवा मांगे अपना अधिकार रोजगार दो भूपेश सरकार के जमकर नारे लगाते हुए हल्ला बोला। एसडीएम कार्यालय घेराव कार्यक्रम में आयोजित धरना प्रदर्शन को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने संबोधित करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार की चुनावी जन घोषणा पत्र में किए गए 36 वायदों को लेकर तीखे प्रहार किए। कहा कि चुनाव से पूर्व कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ की आम जनता से बड़े-बड़े लोक-लुभावनें वायदा किए थे, जो अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्हीं वायदों में युवाओं के लिए भी घोषणाएं की गई थी, जिसमें युवाओं को रोजगार एवं शिक्षित बेरोजगारों को 2500 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने की थी। जो कि सरकार बनने के 46 माह बाद भी युवाओं को नहीं मिल पाई है। आगे कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार बड़े-बड़े फ्लेक्स लगाकर पांच लाख युवाओं को रोजगार दिए जाने की बात करती है और वहीं छत्तीसगढ़ विधानसभा में लगभग 20 हजार युवाओं को नौकरी दिए जाने का आंकड़ा पेश करती है। राज्य की कांग्रेस सरकार झूठे वायदे करके सत्ता में आई है। उन्होंने युवाओं से आव्हान करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में ऐसी झूठी सरकार को उखाड़ फेंकने अपील की है। उन्होंने आगे कहा कि शांत छत्तीसगढ़ को अपराधगढ़ के नाम से जाना जाता है। भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। साढ़े तीन सालों में ही जनता पूरी तरह से त्रस्त हो गई है। गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंद लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस मौके पर पूर्व सांसद चन्दूलाल साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा, जिला महामंत्री अनिल चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष महेश यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. श्वेता शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा सोनकर, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अंजू नायक, आशीष शर्मा, मंडल अध्यक्ष कमल सिन्हा, जितेंद्र सोनकर, रामूराम साहू, आशीष शिंदे, जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू, सोमप्रकाश साहू, रोहित साहू, संजीव चंद्राकर, प्यारेलाल सोनकर, भाजयुमो रायपुर संभाग प्रभारी कैलाश चंद्रवंशी, भाजयुमो जिला प्रभारी रोहित माहेश्वरी, सहप्रभारी डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष योगीराज माखन कश्यप, युगल समदरिया, तोरण सागर, रिकेश साहू, आकाश सिंह राजपूत, गुलशन सिन्हा, वीरेंद्र साहू, लिकेश्वर साहू, आनंद ठाकुर, राज डे सहित बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद थे।
बेरोजगारी भत्ता देने सहित पुलिस प्रताड़ना के विरोध में की गई कार्यवाही की मांग
भाजयुमो के विधानसभा स्तरीय आंदोलन के तहत राजिम मंडल में बेरोजगारी भत्ता को लेकर प्रदर्शन कर शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही पुलिस प्रताड़ना की वजह से आत्महत्या किए युवक राजेन्द्र साहनी के दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर भाजयुमो के नेता और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। पुलिस प्रशासन ने कार्यालय के मुख्य गेट पर बेरिकेट्स और पुलिस बल तैनात किए गए थे। जिसे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने बेरिकेट्स को तोड़ते हुए कार्यालय के मुख्य गेट पर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ता एवं पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
