रोशन अवस्थी@देवभोग… लाटापारा पंचायत के सरपंच योगेंद्र यादव और सचिव अर्जुन नायक के बीच पंचायती कामकाज में तालमेल नहीं बैठ रहा है.. इसी का नतीजा है कि सरपंच ने सचिव को हटाने के लिए जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा है.. दूसरी तरफ सचिव ने भी पंचायत से हटने के लिए अपने उच्च अधिकारी को आवेदन सौंप दिया है.. एक तरफ जहाँ सरपंच का आरोप है कि सचिव पंचायत के कामकाज में रूचि नहीं लेते.. तो दूसरी तरफ सचिव ने भी कहा है कि पंचायत के कामकाज में उन्हें सरपंच का जो सहयोग मिलना चाहिए, वह सहयोग नहीं मिल पा रहा है.. सचिव का कहना है कि सरपंच पंचायत के कामकाज को लेकर गंभीर नहीं है.. उनके उदासीनता के चलते समय पर पंचायत का काम नहीं हो पा रहा है.. जबकि सरपंच का कहना है कि पिछले वर्ष लाटापारा में दशहरा उत्सव में साफ-सफाई करवाया गया था.. जिसका भुगतान आज तक सचिव के उदासीनता के चलते नहीं हो पाया है.. सरपंच कहते है कि 15वें वित्त से गॉव में तीन जगह दो महीने पहले बोर खनन किया गया था.. उसका भुगतान भी आज तक अधूरा है.. सचिव को बार-बार कहने के बाद भी वे भुगतान करवाने में रूचि नहीं ले रहे है…
दस दिन में एक बार पहुंचते है पंचायत-: सरपंच योगेंद्र यादव ने कहा कि सचिव पंचायत आने में भी रूचि नहीं लेते.. वे दस दिन में एक बार पंचायत पहुंचते है.. योगेंद्र के मुताबिक सचिव के कार्यप्रणाली के चलते गॉव में साफ-सफाई समय पर नहीं हो पा रहा है.. वहीं गॉव के पेंशनधारियों का सही समय पर पेंशन का भुगतान नहीं होता.. सरपंच ने कहा कि गॉव का काड़पारा स्कूल बहुत ज्यादा जर्जर हो चुका है..ऐसे में उसके मरम्मत के लिए स्टीमेट बनाकर सचिव को दिया जा चुका है.. आठ महीने पहले दिए गए प्रस्ताव पर आज तक सचिव ने उचित कदम नहीं उठाया… सरपंच ने कहा कि सचिव की लापरवाही के चलते पंचायत में विकास कार्य प्रभावित हो रहा है..
झूठ बोल रहे सरपंच -: वहीं सरपंच योगेंद्र यादव के बयान को सचिव ने झूठा बताया है.. सचिव अर्जुन नायक ने बताया कि सरपंच खुद पंचायत के कामकाज में रूचि नहीं लेते.. सचिव ने कहा कि मैं एडवांस डीएससी नहीं मारना चाहता.. जहाँ तक आँगनबाड़ी की बात है.. ये मेरे कार्यकाल के पहले का है.. आँगनबाड़ी पहले से अधूरा है.. सचिव ने कहा कि सरपंच ने जैसे ही चबूतरा का निर्माण किया.. मैंने तुरंत डीएससी कर राशि का भुगतान कर दिया.. लाटापारा में पहले जो भी सचिव ने एडवांस में डीएससी कर भुगतान कर दिया था.. उसके ऊपर कार्रवाई हुई है.. ऐसे में मैं एडवांस भुगतान नहीं करूंगा.. काम यदि 50 प्रतिशत होगा तो ही मेरे द्वारा भुगतान किया जायेगा.. सचिव ने कहा कि मैं ग्रामीणों का पूरा काम करता हु..आप ग्रामीणों के बीच जाकर पूछिए.. मेरा एक शिकायत कोई नहीं करेगा.. जहाँ तक गौठान की बात है.. इसके लिए मैं मेरे गॉव से ईंट ले गया और मैंने वर्मी टैंक का काम करवाया… सरपंच कभी काम ही नहीं करवाता.. और ना ही काम के लिए अपने जेब से एक रूपये खर्च करता है.. उन्होंने पंचायत में समय नहीं देने की बात पर कहा कि पंचायत में एक मिनट का फुर्सत नहीं है.. अभी कुछ दिन तो हड़ताल में था.. मैं पंचायत के कामकाज को लेकर गंभीर हूँ.. हमेशा पंचायत जाता हूँ.. और ग्रामीणों का काम भी समय पर करता हूँ.. वहीं पंचायत के खाते में 13 लाख होने पर भी खर्च नहीं करने के सवाल पर सचिव ने कहा कि सरपंच स्टीमेट लेकर काम तो शुरू करवाए.. मैं काम शुरू होने के बाद भुगतान करने को तैयार हूँ.. वहीं सरपंच के द्वारा गॉव-गॉव घूमकर प्राइवेट प्रेक्टिस करने के आरोप पर सचिव ने कहा कि कोई पंचायत सचिव इस तरह का काम करेगा क्या… मैंने कभी प्राइवेट प्रेक्टिस नहीं किया है.. यह गलत आरोप है…
