बांध होने के बाद भी धूपकोट के किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई के लिए पानी, बांध नीचे होने से किसान नहीं उठा पा रहे लाभ

रोशन अवस्थी@देवभोग। ब्लॉक के धूपकोट में 250 एकड़ में बने बांध का लाभ क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल पा रहा है.. स्थिति यह है कि बांध धूपकोट में है.. लेकिन वहां के किसानों को ही सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है.. किसानों की माने तो बांध का निर्माण नीचे किया गया है.. जबकि गॉव ऊपर बसा है.. ऐसी स्थिति में आज धूपकोट के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है.. किसानों की माने तो बांध निर्माण के दौरान ही जिम्मेदारों ने इसका ध्यान नहीं रखा.. और गॉव से नीचे बांध का निर्माण कर दिया.. इसी के मद्देनजर आज विभाग के लोगों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है.. किसान चंद्रध्वज मरकाम, देवानंद मांझी की माने ज़ब बांध का निर्माण किया गया था.. यदि उस दौरान विभाग ने इन सब बातों को ध्यान में रखकर यदि बांध का निर्माण किया होता तो आज 250 एकड़ में फैले इस बांध से आसपास के पुरे गॉव में सिंचाई हो जाता.. और किसानों को पानी के लिए तरसना नहीं पड़ता…

तीन गॉव तक ही पहुंच पाता है पानी -: 250 एकड़ में फैला धूपकोट का बांध अपनी क्षमता के मुताबिक किसानों को सिंचाई के लिए लाभ नहीं दे पा रहा है.. किसानों के मुताबिक बांध का पानी गोहरापदर, नागलदेही, पीठापारा और सुकलीभाठा पुराना के कुछ ही हिस्से तक पहुंच पाता है.. जबकि गॉव में आधा से ज्यादा खेत उचाई पर होने के कारण बांध का पानी वहां पहुंच ही नहीं सकता.. गोहरापदर के सरपंच जादवराम नायक की माने तो सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों ने बांध निर्माण के दौरान बिना सोचे समझे निचली जगह पर बांध का निर्माण कर दिया.. आज उन्हीं की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के किसान भुगत रहे है…किसानों के मुताबिक आज दस दिन से वर्षा नहीं हुआ है.. ऐसे में यदि हमारे खेतों तक बांध का पानी पहुंच जाता.. तो हमारी सिंचाई की समस्या खत्म हो जाती.. और खेतों की प्यास भी मिट जाती…

करोड़ों खर्च लेकिन रिजल्ट शून्य -: धूपकोट, सुकलीभाठा(पुराना ), गोहरापदर और बंदपारा के किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग खेतों तक पानी पहुंचाने का दावा कर करोड़ों रूपये योजनाओं में खर्च कर रहीं है.. अभी हाल ही में धूपकोट के नहर नाली मरम्मत का कार्य लगभग 2 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर के क्षेत्र में किया गया है.. वहीं विभाग ने किसानों की मांग के अनुरूप कुलापा भी लगवाया है…करोड़ों खर्च करने के बाद भी किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में विभाग के प्रति किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रहीं है.. हालांकि विभाग के सब इंजीनियर मनोज टांडिल्य का दावा है कि अभी सभी जगह आउट लेट लगना बाकी है.. जहाँ फाल है.. वहां आउट लेट लगाया जायेगा.. इसके बाद किसानों को पानी मिलना शुरू हो जायेगा…

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