रोशन अवस्थी@देवभोग…ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना का हाल बेहाल है..योजना के तहत वर्ष 2019 से बनाये जा रहे मकान किश्त के अभाव में अधूरे पड़े है..निर्माण कार्य ठप हो गया है..और अधूरा बना मकान खंडहर में तब्दील होने लगा है..वहीं पुराने ऐसे मकान जिसकी स्वीकृति मिली है… लेकिन शासन से फंड नहीं मिलने के कारण 1763 मकानों के निर्माण का सपना अधूरा रह गया है..केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना को ग्रहण लगा हुआ है..ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों का चयन होने और पुरानी स्वीकृति किश्त नहीं मिल पा रहीं है..जिसके चलते गरीब के सर पर पक्का छत नहीं मिल पा रहा है.. गौरतलब है कि ब्लॉक में 2016-17 से 2020 तक 7947 आवास की स्वीकृति मिला था.. जिसमें से 6980 आवास पूरा हो चुका है.. जबकि वर्ष 2020-21 में स्वीकृत हुए 1763 आवास का एक भी किश्त शासन से प्राप्त नहीं हुआ है…
2730 को पक्की छत का इंतज़ार -: यहां बताना लाजमी होगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीब परिवारों को पक्की छत देने का सपना दिखाया गया था..लेकिन ब्लॉक में इस योजना का बेहद निराशाजनक स्थिति है..आकड़ों पर गौर किया जाये तो पता चलता है कि वर्ष 2020-21 में 1763 गरीब सर पर पक्की सरकारी छत मिलने की आस लगाए बैठे है… लेकिन फंड के अभाव में एक भी आवास नहीं बन पाया है…
चार साल से अटका आवास-: प्रधानमंत्री आवास योजना के ब्लॉक समन्वयक ओमेश्वर दीवान ने बताया कि 2016-17 में 1323 आवास की स्वीकृति मिली थी.. जिसमें से 1279 आवास पूरा हो चुका है.. जबकि 2017-18 में 1249 आवास की स्वीकृति मिली थी.. जिसमें से 1194 आवास पूरा हो चुका है.. वहीं वर्ष 2018-19 में 4397 आवास की स्वीकृति मिली थी.. जिसमें से 3925 आवास पूरा हो चुका है.. वहीं 2019-20 में 978 आवास स्वीकृत हुए थे.. जिसमें से 582 आवास पूरा हो चुका है…वहीं 2020-21 में एक भी आवास का निर्माण नहीं हो पाया है…इसी तरह वर्ष 2016-17 से अब तक 6980 आवास का निर्माण ब्लॉक में हुआ है…
