परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत गायडबरी के जन सूचना अधिकारी व सचिव हरिश्चंद्र ध्रुव द्वारा सूचना के अधिकार कानून की धज्जियां उड़ाते हुए समय सीमा में जानकारी नहीं देने व आरटीआई कार्यकर्ता को गुमराह कर खुद का कानून बनाने में लगे है। जन सूचना अधिकारी द्वारा सारे नियमो को ताक में रखकर मांगी गई जानकारी को समय सीमा में देना उचित नहीं समझा।वही समय सीमा बाद जारी किए गए पत्र में खुद का कानून बनाकर इस नियम को मखौल बनाते हुए मांगी गई जानकारी को लगभग 70 हजार पेज में होना बताकर 2 रूपए प्रति पेज के हिसाब से राशि जमाकर दस्तावेज प्राप्त करने पत्र जारी किया था।जबकि आवेदक द्वारा चार बिंदुओं में अलग अलग जानकारी चाही गई थी।लेकिन कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाने वाले जनसूचना अधिकारी हरिश्चंद्र ध्रुव द्वारा चार आवेदन पर केवल एक ही पत्र जारी कर अपना खुद का नया कानून बनाने में लगे है।जिसको लेकर जन सूचना अधिकारी के विरूद्ध प्रथम अपील जनपद पंचायत छुरा को किया गया था।जिसमे दोनो पक्षों को सुनने के बाद प्रथम अपीलीय अधिकारी व सीईओ जनपद पंचायत छुरा द्वारा 7 दिवस में निशुल्क जानकारी उपलब्ध कराकर सभी आवेदनों को बारी बारी से समय सीमा में निराकरण करने निर्देशित किए है।
आपको बता दे की सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत ग्राम पंचायत गायडबरी में चार बिंदुओं पर आवेदक द्वारा जानकारी मांगी गई थी।लेकिन जिम्मेदार जन सूचना अधिकारी द्वारा समय सीमा में कोई जानकारी नहीं दिया गया।जिसके बाद समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर अपीलार्थी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1)के तहत जानकारी उपलब्ध नही कराया जाने को लेकर प्रथम अपीलीय अधिकारी व सीईओ जनपद पंचायत छुरा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। प्रकरण में अभय पक्षों को सुने जाने हेतु दिनांक 17.6.2022 को सुनवाई आहूत किया गया था। सुनवाई दिनांक को दोनों पक्ष अनुपस्थित रहने के कारण 30.6.2022 को पुनः सुनवाई आहूत किया गया। सुनवाई दिनांक को जन सूचना अधिकारी हरिश्चंद्र ध्रुव सचिव ग्राम पंचायत गायडबरी व अपीलार्थी उपस्थित रहे।
अपीलार्थी ने जन सूचना अधिकारी ग्राम पंचायत गायडबरी को 4 विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगा था।
सुनवाई दिनांक 30.6.2022 को लिखित में जवाब जन सूचना अधिकारी द्वारा अभ्यर्थी द्वारा चाही गई आवेदन दिनांक 27.4.2022 को प्रस्तुत किया गया है। जो कि 4 लिफाफा में चार प्रकार की जानकारी के साथ ग्राम पंचायत गायड़बरी को पंचायत भृत्य के माध्यम से दिनांक 6.5.22 को प्राप्त होना बताया। जिस पर कार्यवाही करते हुए प्रकरण एवं संलग्न दस्तावेजों के अवलोकन से स्पष्ट है कि जन सूचना अधिकारी द्वारा वित्त के माध्यम से प्राप्त होना बताया है किंतु डाक किस तारीख को प्राप्त हुए की प्रति प्रस्तुत नहीं किया गया तथा स्वयं 31अप्रैल 2022 प्रार्थी को जानकारी के लिए पत्र व्यवहार किया गया ।वह 30 दिवस के बाद किया गया।
जिस पर प्रथम अपीलीय अधिकारी व सीईओ जनपद पंचायत छुरा आर.के.ध्रुव द्वारा कार्यवाही करते हुए आदेशित किया है की अपीलार्थी द्वारा चाही गई जानकारी की प्रमाणित प्रति सात दिवस में निशुल्क उपलब्ध कराया जाए एवं सूचना के अधिकार अंतर्गत सभी आवेदनों का निराकरण समय सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। अपीलार्थी इस कार्यवाही से संतुष्ट न होने की स्थिति में सूचना आयुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग नार्थ ब्लॉक सेक्टर 19 अटल नगर तथा रायपुर को इस आदेश के प्राप्त होने की तिथि से 90 दिन के भीतर द्वितीय अपील प्रस्तुत कर सकते हैं।
लगभग 15 सालो से अंगद की तरह पैर जमाए सचिव भ्रष्टाचार में है संलिप्त
छुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत गायडबरी में पदस्थ सचिव हरिचंद्र ध्रुव लगभग 15 सालो से एक जगह ही अंगद की तरह पैर जमाए हुए है। उच्च अधिकारियों के अच्छी पकड़ होने के चलते आज तक इसका तबादला नही हो पाया।जिसके चलते उक्त सचिव द्वारा विभिन्न विकास व निर्माण कार्य सहित शासन द्वारा प्राप्त राशियों में हेराफेरी कर घोर लापरवाही बरत रहे है।वही कई निर्माण कार्य सालो से अधूरा पड़ा हुआ है।जिसको लेकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगा गया था।लेकिन जिम्मेदार जन सूचना अधिकारी व सचिव हरिश्चंद्र ध्रुव द्वारा जानकारी छुपाने तरह तरह के प्रयास कर रहे है।ताकि उसका पोल सामने न आ जाए।वही इस संबंध में समाचार खबर कवरेज करने वाले पत्रकार के ऊपर एसटीएससी जैसे मामले दर्ज कराने की बात कहने से भी गुरेज नहीं कर रहे है।अपने कारनामों को छुपाने लापरवाह सरपंच सचिव द्वारा कई तरह के जतन कर रहे है।सरपंच सचिव की उदासीनता से इस पंचायत में विकास कार्य पूर्ण से ठप पड़ गया है।जिसके चलते ग्रामीणों में भी खासी नाराजगी है।अब देखना ये होगा की जन सूचना अधिकारी ,प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश पर आवेदक को सूचना के अधिकार के तहत समय सीमा में चाही गई जानकारी उपलब्ध कराते है या फिर एक बार फिर उच्च विभाग के आदेश को दरकिनार कर नियम और कानून की धज्जियां उड़ाएंगे।
