स्वामी विवेकानंद विचार मंच द्वारा डॉ खूबचंद बघेल की जयंती पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्टी के प्रारंभ में मंच के अध्यक्ष हेमंत मढ़ रिया ने डॉ खूबचंद बघेल के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया सर्वप्रथम देवेंद्र बंछोर ने अपने वक्तव्य में कहा कि डॉ खूबचंद बघेल जाति विहीन समाज की रचना पर बल देने वाले महापुरुष थे आपने पंक्ति तोड़ो आंदोलन सहित अनेक कु प्रथाओं का अंत करने का पुनीत कार्य किया बांसी पर बघेल जी द्वारा लिखी हुई कविता के चंद पंक्तियों का पाठ कर बंछोर ने खूबचंद बघेल के साहित्यिक महत्ता को प्रतिपादित किया कृष्ण कुमार धुरंधर ने कहा कि खूबचंद बघेल ने छत्तीसगढ़िया को अलग संदर्भ में प्रतिपादित किया कि जो छत्तीसगढ़ के सम्मान को अपना सम्मान और छत्तीसगढ़ के विकास को अपना विकास समझते हैं वही छत्तीसगढ़िया है यह नजरिया खूबचंद बघेल का था मंच के संयोजक ललित बिजोरा ने कहा कि खूबचंद बघेल के संघर्षों का परिणाम है आज का छत्तीसगढ़ आपने छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को जगाने का पुनीत कार्य किया आपके द्वारा भातृसंघ का गठन किया गया जिसके माध्यम से सभी समाजों को जोड़ने का पुनीत कार्य हुआ आपने कविता के माध्यम से खूबचंद बघेल के कार्यों को स्मरण किया जैनेंद्र गंजीर् ने कहा डॉ खूबचंद बघेल उप जातियों में संबंध स्थापित करने वाले पुरोधा व्यक्ति थे छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की नीवआप के माध्यम से रखी गई मंच की मार्गदर्शक श्रीमती किरण बाला वर्मा ने कहा कि सामाजिक आपत्तियों को सहकर भी आपने सदैव आगे बढ़ कर कार्य किया और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य आपके द्वारा किया गया निखिल चतुर्वेदी ने कहा कि हमें गर्व है कि हम खूबचंद बघेल जी के वंशज हैं आपने कविता के माध्यम से बघेल जी को स्मरण किया मंच संचालन करते हुए हेमंत मढ़ रिया ने डॉक्टर बघेल के कार्यों का स्मरण करते हुए कहा कि हमें आज डॉ खूबचंद बघेल जी के पद चिन्हों पर चलने की आवश्यकता है
