कथित रिपोर्टर देवेश तिवारी के विरूद्व कर्मचाारी नेता विजय झा ने शिकायत की-सार्वजनिक माफी न मांगने पर मानहानि व अपराधिक प्रकरण समक्ष न्यायालय में



रायपुर। छत्तीसगढ राजधानी के कलेक्टोरेट परिसर में 10 जुलाई बकरीद् के दिन शासकीय परिसर व सार्जनिक स्थल पर बकरा काटने की धटना के संबंध में सिविल लाइन थाना व समक्ष नगर दण्डाधिकारी द्वारा उसी दिन कार्यवाही करते हुए, दोषी असमाजिक तत्वों के विरूद्व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर, गिरफ्तारी उपरांत जेल भेज दिया गया था। किंतु इस धटना को तोड़मरोड़ कर अपने आपको पत्रकार बताकर एक विडियों बनाकर श्री देवेश तिवारी, द्वारा वायरल कर कर्मचारी नेता विजय कुमार झा के चरित्र हनन करने, साम्प्रदायिक सौहाद्र बिगाड़ने की कोशिश की गई। इस विडियों की सीडी व लिखित शिकायत सिविल लाइन थाने में श्री झा द्वारा कर दी गई है।
कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने बताया है कि 10 जुलाई बकरीद के दिन धटित धटना के संबंध में विधिवत् विस्तृत जॉच कर सिविल लाइन थाना प्रभारी द्वारा न्यायालय सुश्री रूचि शर्मा नगर दण्डाधिकारी रायपुर के न्यायालय में ईश्तगासा नं. 190/193, 189/192 दिनांक 10.07.2022 अनावेदक दीपक, छोटू, जगत, मो.अशरद् तथा प्रकरण क्रमांक 441/22 एवं प्र.क्र. 442/22 ईश्तगासा की प्रति प्रकरण क्रमांक 443/22 ईश्तगासा क्रमांक 191/194/22 अनावेदक मो.शोयेब प्रस्तुत किया गया है। इसकी सत्यापित प्रति प्राप्त करने हेतु श्री झा ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया है। श्री देवेश तिवारी ने आरोपियों के प्रभाव में आकर उक्त न्यायालयीन प्रकरण में हस्तक्षेप करने, साम्प्रदायिक सौहाद्र बिगाड़ने, एक प्रतिष्ठित कर्मचारी नेता के छबि को धूमिल करने के उदेश्य से समस्त जॉच व न्यायिक कार्यवाही, जेल कार्यवाही को झुठलाते हुए, असामाजिक तत्वों को बचाने के उदेश्य से 5 दिन बाद विडियों जारी कर यह आरोप लगाया है, कि बकरा उक्त व्यक्तियों ने नहीं काटा अपितु विजय कुमार झा के सेवानिवृत्ति पर उनके अधिकारी कर्मचारियों ने उनसे पार्टी मांगी थीं, इसलिए चंदा कर उनके द्वारा बकरा काटा गया है। यह आरोप अत्यंत झूठा, अपराधियों को संरक्षण देने का प्रयास, पुलिस व प्रशासनिक कार्यवाही में हस्तक्षेप करने, प्रतिष्ठा को आधात पहुंचाने वाला कृत्य है। इसकी लिखित शिकायत, जारी विडियों की सीडी, व सूचना के अधिकार के अधिकार के तहत प्रस्तुत आवेदन की छायाप्रति सिविल लाइन थाने में प्रस्तुत करते हुए श्री झा द्वारा शिकायत कर कार्यवाही की मांग की गई है। यदि श्री देवेश तिवारी द्वारा जारी विडियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती है, तो सक्षम न्यायालय में परिवाद् प्रस्तुत करते हुए 50 लारख रू. के मानहानि का दावा प्रस्तुत करने चेतावनी श्री झा ने दी है।

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