- मानव जीवन और पर्यावरण में संतुलन स्थापित करने में वृक्षों का सबसे बड़ा योगदान- के रविकिरण
रोशन सिंह@उतई ।गायत्री परिवार ट्रस्ट एवं शौर्य युवा संगठन आदर्श ग्राम कोड़िया के नेतृत्व में एक परिवार-एक पौधा अभियान के तहत ग्राम के मुक्तिधाम में पौधरोपण किया गया। शौर्य संगठन के पर्यावरण एवं कुरीति उन्मूलन विभाग प्रभारी आंनद निषाद ने बताया कि एक परिवार-एक पौधा अभियान के तहत इस सत्र लगभग 400 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है जो कि गायत्री परिवार व शौर्य संगठन के साथ ग्रामवासियों व अन्य दानदाताओं के सहयोग से पूरा किया जाएगा। पिछले माह के 5 जून से आरम्भ इस अभियान के तहत 250 से अधिक रोपे जा चुके हैं। इसी अभियान के तहत ग्राम के मुक्तिधाम में पुरखौती उपवन बनाने की योजना बनाई गई है जिसका कार्य जारी है। उक्त वपवन में रविवार को क्षेत्र के सक्रिय पत्रकारों, महिला चेतना पुलिस, छग कृषि महाविद्यालय धनोरा, निर्मल फ्यूल हनोदा, कल्याणी महिला स्वसहायता समूह तथा ग्रामवासियों के सहयोग से 27 पौधे रोपे गए।
पौधरोपण कार्यक्रम में निर्मल फ्यूल्स हनोदा संचालक के. रविकिरण, छग कृषि कालेज धनोरा के रावे समन्वयक विवेक पांडेय, देवेंद्र पटेल, लेखराम सोनवानी, गायत्री परिवार ट्रस्ट प्रमुख उमेश साहू, पर्यावरण प्रेमी लतखोर निषाद, शौर्य संगठन अध्यक्ष फलेंद्र पटेल, सचिव आदित्य भारद्वाज, महिला चेतना पुलिस रूखमणी यादव, हेमपुष्पा भारद्वाज, लक्ष्मी यादव, लिलेश्वरी पटेल, हुलेश्वरी विश्वकर्मा, उपेंद्र भारद्वाज सहित
निर्मल फ्यूल्स के संचालक के रविकिरण ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा पर्यावरण संरक्षण कार्य पुण्य का कार्य है, यह कार्य केवल वन विभाग का ही नहीं है जबकि हम सभी का दायित्व है कि पौधरोपण व उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले। वृक्षों का मानव जीवन और पर्यावरण में संतुलन स्थापित करने में सबसे बड़ा योगदान है। मैं देश के अधिकतर हिस्सों में घूम चुका हूं लेकिन समाजसेवा के क्षेत्र में शौर्य संगठन के युवाओं जैसा जुनून कहीं नहीं देखा।
पौधरोपण अभियान को सफल बनाने में खिलेंद्र, यादवेंद्र, ममता, जामिन, अंजू, गायत्री, लक्ष्मी, पिंकी, जितेंद्र, आनंद, ईशु, संध्या, मोनिका, नमन, रोहन, कमलेश्वरी, सरोजनी, छग कृषि कालेज के छात्र प्रेमलता, ओमप्रकाश, सिंधु, अर्चना, निशा, प्रमोदिनी, ओमप्रकाश, जयकुमार, टेकेंद्र, सजल, जयप्रकाश, भूपेंद्र, सीमा, जितेंद्र, तेजेश, निलेश्वरी, इंडेश्वरी, अरविंद विशेष योगदान था।
