राकेश कुमार साहू @न्यूज़24कैरेट धमतरी। मगरलोड क्षेत्र के भरदा गाँव में 2 साल से एक सुलभ शौचालय का निर्माण चल रहा है, कब बनेगा पूर्ण रूप से किसी को खबर नहीं, किसके लापरवाही से हो रहा है ये कार्य लोगों का कहना है की भरदा में बन रहे है सुलभ शौचालय उसमे दरार आ रहे है, शौचालय के अंदर पानी का बूंद टपक रहा है, क्यों इतना भरदा के गाँव में अंधकार क्यों, क्यों इनके लिये जिम्मेदार कौन है शासन कि गाँव के सरपंच क्यों अधूरे काम करके छोड़ दिये है, ग्राम पंचयात भरदा के सरपंच, सचिव, पंच, जनता लोगों का यही सवाल है कि शौचालय बन रहा है, या ताजमहल जो 2 सालो में नहीं बन पा रहा है, क्यों जनता के हक़ के साथ खिलवाड़ हो रहा है, सुलभ शौचालय के निर्माण में जो मजदूर काम किये है, उन लोगों को अभी तक मजदूरी नहीं मिल पाया है, सुलभ शौचालय एक शौचालय एक ऐसी सुविधा है, जो मानव के मल एवं मूत्र के समुचित व्यवस्था के लिये प्रयोग किया जाता है। शौचालय शब्द का प्रयोग उस कक्ष के लिये किया जा सकता है, जिसमें मल-मूत्र विसर्जन कराने वाली युक्ति लगी होती है; या यह उस युक्ति के लिये भी प्रयुक्त होता है। सामाजिक-सेवा से जुडी स्वयंसेवी एवं लाभनिरपेक्ष संस्था है। यह संस्था पर्यावरण की स्वच्छता, अ-परम्परागत ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबन्ध, सामाजिक सुधार एवं मानवाधिकार को बढावा देने के क्षेत्र में काम करती है। इस संस्था से लगभग 50000 स्वयंसेवक जुडे हुए हैं।पर भरदा में कुछ और ही चल रहा है,मानव के कल्याण नहीं अत्याचार हो रहा है, क्यों उनके हक के साथ खिलवाड़ हो रहा है, क्यों भरदा में ही आज तक सुलभ शौचालय का पूर्ण रूप से निर्माण नहीं हो पा रहा है, भरदा हर गाँव से पीछे क्यों,प्रशासन से निवेदन है, कि उचित कारवाही करके जनता के मदद करके उनके अधिकार को उसे मिल सके यही अपील है।
मगरलोड ब्लॉक के ग्राम भरदा में 2 साल से चल रहा है सुलभ शौचालय का निर्माण, कब होगा पूर्णरूप से निर्माण पता नहीं
