जिले का प्रभार लेने के बाद कलेक्टर का देवभोग का प्रथम प्रवास…..

  • आत्मानंद, मिनी फूड पार्क, लघु वनोपज व स्वास्थ्य विभाग का लिया जायजा….
  • अधिकारियों को सही कार्य व सतत मॉनिटरिंग का दिया निर्देश …..

रोशन अवस्थी@देवभोग । गरियाबंद जिले का पदभार लेने के बाद जिला कलेक्टर प्रभात मलिक ने देवभोग क्षेत्र का एक दिवसीय दौरा कर शासन के द्वारा चल रहे योजना का विकासखंड के अधिकारियों से लिए कार्य का जायजा।

सर्वप्रथम कलेक्टर प्रभात मलिक ने देवभोग पहुंचकर सामुदायिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बड़ी सरल स्वभाव के धनी प्रभात मलिक ने स्वास्थ विभाग के कर्मचारियों को बड़ी शांति से व उपस्थित कर्मचारियों को दिये दिशा निर्देश ।तत्पश्चात कलेक्टर प्रभात मलिक ने प्रदेश सरकार की फ्लेक्सी योजना में शामिल आत्मानंद स्कूल का औचेक निरीक्षण किया ।व वहां पहुंचकर शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति का भी जानकारी ली ।तथा बैठक व्यवस्था, पानी पीने की व्यवस्था, बिजली, पंखा ,शौचालय स्टॉप पक्ष व स्टोर कक्ष का भी अवलोकन किया। एवं साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को भी दिए आवश्यक दिशा निर्देश।
कलेक्टर प्रभात मलिक ने कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी ,मिड डे सेट का भी अवलोकन किया ।प्रयोगशाला का निरीक्षण करते हुए उसने बीच-बीच में आर ई एस विभाग के एस डी ओ को तलब कर फटकार भी लगाई। और सिस्टम को सुधारने व पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने को भी दिशा निर्देश दिए उन्होंने छोटे-छोटे कमियों को तुरंत दुरुस्त करने को भी कहा और एक सप्ताह के भीतर पूरी व्यवस्था सुदृढ़ करने की बात कर्मचारियों को कहीं।

इन सभी योजना का जायजा लेने के बाद कलेक्टर प्रभात मलिक ने वन विभाग की योजना का भी निरीक्षण करने डी एफ ओ मयंक अग्रवाल के साथ पहुंचे। और उन्होंने लघु वनोपज की जानकारी लेते हुए छत्तीसगढ़ में प्रथम बनने वाला मिनी फुट पार्क केंद्र का भी निरीक्षण कर अवलोकन किया ।गौरतलब है कि देवभोग वन परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़ का प्रथम मिनी फूड पार्क जो करीब 8 एकड़ के प्लॉट में बनने जा रहा है उसका भी जायजा जिले के मुखिया ने लिया। बता दे लघु वनोपज को बढ़ावा देने के लिए व आदिवासियों की आर्थिक स्थिति को दुरुस्त करने के लिए यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार चला रही है ।क्योंकि वनांचल में बसे आदिवासी लोगों की यह जीविका का सबसे बड़ा साधन है।
देवभोग क्षेत्र में मिनी फूड पार्क केंद्र खोलने से स्व सहायता समूह के महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे ।और उनके आय के साधन में वृद्धि होगा।
लघु वनोपज के निरीक्षण में जिले के मुखिया के साथ डी एफ ओ मयंक अग्रवाल ,लघु वनोपज प्रभारी देवेंद्र बेहेरा, एस डी ओ राजेन्द्र सोरी, रेंजर नागराज मंडावी ,डिफ्टी रेंजर दिनेश पात्र मोजूद रहे।

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