मध्यप्रदेश के छतरपुर में बोरवेल में गिरे 4 साल के मासूम दीपेंद्र को सकुशल निकाल लिया गया है। करीब 7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के गड्ढे में रस्सी डाली, ये रस्सी बच्चे ने अपने कंधे में फंसा ली। जिसके बाद उसे धीरे-धीरे खींचकर गड्ढे से निकाल लिया गया। बच्चे को निकालते ही मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना ओरछा रोड थाना क्षेत्र के नारायणपुरा और पठापुर गांव के पास की है। यहां नारायणपुरा के रहने वाले अखिलेश यादव का 4 साल का बेटा दीपेंद्र यादव परिवार के साथ खेत पर गया था। जो खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना ने भी मोर्चा संभाला। इसके अलावा SDERF, प्रशासन और पुलिस भी पूरे समय मौके पर मौजूद रही। बच्चे को सकुशल निकाले जाने के बाद परिजनों के साथ ही ग्रामीणों और प्रशासन की टीम ने राहत की सांस ली।

इससे पहले रुक-रुककर हुई बारिश से रेस्क्यू में परेशानी भी आई। टीम ने बारिश से बचने के लिए तिरपाल से गड्ढे के आसपास का क्षेत्र कवर कर बचाव कार्य किया। खुद कलेक्टर और पुलिस अधिकारी कई बार बचाव के लिए खोदे गए गड्ढे में उतरे और स्थिति का जायजा लिया। बच्चा करीब 25 फीट की गहराई में फंसा था। इस दौरान उसे ऑक्सीजन भी दी गई। गड्ढे से पैरेलल करीब 28 फीट से भी गहरी खुदाई की गई।
कैमरे में नजर आया बच्चे का मूवमेंट
दीपेंद्र दोपहर ढाई बजे से गड्ढे में फंसा था। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। बोरवेल के अंदर कैमरा डाला गया, जिसमें बच्चे का मूवमेंट भी नजर आया। मौके पर SDERF (स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स) की टीम ने भी मोर्चा संभाला। बच्चे ने टीम द्वारा गड्ढे में डाली गई रस्सी पकड़ ली। जिसके बाद उसे खींचकर बाहर निकाल लिया गया।
CM शिवराज ने बच्चे की मां से की बात
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियोकॉल के माध्यम से बच्चे की मां से बात की। सीएम ने उन्हें बच्चे को सुरक्षित निकालने का आश्वासन दिया था। उन्होंने बच्चे की मां से कहा कि प्रशासनिक अमला रेस्क्यू में जुट गया है। मौके पर CMO ओमपाल सिंह भदौरिया भी पहुंचे थे। उन्होंने फीता डालकर ये जाना कि बच्चा कितने फीट की गहराई पर फंसा है। खुद DSP शशांक जैन भी गड्ढे में उतरे।
150 लोग रेस्क्यू में लगे
बच्चे को बचाने के लिए रेस्क्यू टीम के करीब 150 लोग लगे। इसमें एसडीआरएफ, पुलिस, नगर पालिका और नगर सेना की टीम शामिल थी। इसके अलावा करीब 300 से ज्यादा ग्रामीण भी मदद के लिए मौजूद रहे। बोरवेल में कैमरा डाला गया। वहीं, तीन जेसीबी से खुदाई कार्य में जुटी रही।
