जांजगीर-चाम्पा। बोरवेल के गड्ढे में गिरकर घायल हुआ बालक राहुल साहू पूरी तरह स्वस्थ होकर आज हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गया। उसके स्वस्थ होकर वापस लौटने पर राहुल के गांव में जश्न की तैयारियां की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ राहुल को विदा करने अस्पताल का स्टाफ पहुंचा। गौरतलब है की राहुल पिछले दस दिनों से अस्पताल में भर्ती था। राहुल को डिस्चार्ज कराने खुद जांजगीर कलेक्टर जीतेन्द्र शुक्ला और एसपी विजय अग्रवाल पहुंचे। अस्पताल में इलाज़ के दौरान राहुल का डॉक्टर्स के साथ मस्ती करते हुए भी वीडियो वायरल हुआ था। जिसमे वह बॉल के साथ खेल रहा था। राहुल के स्वागत में गांव में जोर शोर से स्वागत कि तैयारियां की जा रही है।
10 वर्षीय राहुल साहू अब बिना सहारे के चलने भी लगा है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ के साथ ही फीजियोथैरेपिस्ट लगातार राहुल के इलाज में जुटे थे। फीजियोथेरैपी का ही नतीजा है कि वह अब एकदम ठीक हो गया है और पहले की तरह मस्ती करने लगा है। राहुल 10 जून को उसके घर के पीछे बने बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। इसके बाद से वह लगभग 4 दिनों तक अंदर ही फंसा रह गया था। करीब 106 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका था। इस दौरान बिलासपुर प्रशासन और स्थानीय नेता भी मौजूद थे। बिलासपुर प्रशासन की तरफ से भी राहुल को गिफ्ट दिया गया है।
देश का अब तक के सबसे बड़ा रेस्क्यू इसे माना जा रहा है। इससे पहले बोरवेल में फंसे हरियाणा के कुरूक्षेत्र के हलदेहेड़ी के प्रिंस को 50 घंटे में निकाला गया था। इसके बाद देवास में एक मासूम को 72 घंटे में निकाला गया था, लेकिन राहुल को निकालने में 104 घंटे लग गए।उसे सीधे अपोलो अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया। इसके लिए स्पेशल पिहरीद से बिलासपुर तक कॉरिडोर तैयार किया गया था। इसे लोगों की दुआएं कहें या एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व सेना के जवानों की मेहनत। 10 जून की दोपहर 2 बजे 65 फीट बोरवेल में डूबे राहुल को निकालने के लिए करीब 300 सेना के जवानों की टीम लगातार मेहनत कर रही थी।
