प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पाटन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया । ब्रह्माकुमारी शिव कुमारी दीदी ने कहा कि योग से मन स्वच्छ व अच्छे चिंतन होता है। योग मन को शांत करने का ब्रह्मास्त्र है राजयोग का मतलब सीधे आत्मा का परमात्मा के साथ संबंध है। यह राजयोग से ही प्राप्त कर सकते हैं। आगे कहा गया कि आज के वर्तमान युग में नकारात्मक विचार सर्व समस्याओं की जड़ है। प्राचीन काल से ही योग हमारी संस्कृति एवं दिनचर्या का अभिन्न अंग है। परंतु धीरे-धीरे भौतिकता की चकाचौंध ने योग के प्रति हमारा दृष्टिकोण ही बदल दिया है। सबसे बड़ी भौतिकता स्वयं को पांच तत्वों से निर्मित शरीर समझना। जब मनुष्य स्वयं को आत्मा भूलकर भूल कर शरीर समझने लगा , तब योग के प्रति उसका दृष्टिकोण ही बदल गया। आगे योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहां की सदा खुशी स्वस्थ एवं निरोगी रहने के लिए योग एवं राजयोग का अभ्यास करना जरूरी है।जिसमें मुख्य अतिथि भ्राता हर्ष भाले अध्यक्षव्यापारी संघ , विशिष्ट अतिथि वर्ल्ड रिकॉर्ड इन योगा भ्राता टिकेश्वर पटेल थे।जिसने लगातार 2 घंटे शीर्षासन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। आगे योगा की बारीकियों को बताते हुए कहां की योग के अभ्यास से हम निरोगी रह सकते हैं। भ्राता श्री हर्ष भाले जी ने कहा योग हर व्यक्तियों को करना चाहिए जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा। लेकिन राजयोग के अभ्यास से मन शांत होता है और अच्छे विचार आते हैं। अच्छे विचार से अच्छे समाज का निर्माण कर सकते हैं। ओम शांति

