जांजगीर-चांपा. जिले में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसा राहुल अब सिर्फ 3 फीट दूर रह गया है। राहुल तक पहुंचने के लिए टनल बनाने का काम जारी है। बीच-बीच में चट्टान बाधा बन रही है। इसे देखते हुए बिलासपुर से मशीन मंगवाई गई है। हालांकि राहुल की सुरक्षा और मिट्टी धसकने के डर को देखते हुए काम की स्पीड कम है। इधर, एक बार फिर से रस्सी लेकर भी NDRF बच्चे को निकालने के प्रयास में है। बीच में खबर थी कि राहुल की हलचल कम हो गई है, लेकिन प्रशासन ने कहा है कि हम बच्चे को देख पा रहे हैं, वह सांस ले रहा है।
रेस्क्यू के मद्देनजर मेडिकल स्टाफ पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड पर आ गया है। ऑक्सीजन, मास्क के साथ ही स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई है। मेडिकल स्टाफ की कोशिश है कि जैसे ही राहुल को बाहर लाया जाए। वैसे ही उसका हेल्थ चेकअप किया जाए। हेल्थ चेकअप के बाद उसे तुरंत ही एंबुलेंस से बिलासपुर के अपोलो अस्पताल ले जाया जाएगा। इसके साथ ही ग्रीन कॉरोडिर बनाने की तैयारी की जा रही है।
अब तक क्या-क्या हुआ
- बच्चा शुक्रवार दोपहर 2 बजे के आसपास गायब हुआ। उसका कुछ पता नहीं चल रहा था।
- बच्चे को ढूंढने के दौरान माता-पिता को बोरवेल से आवाज आई।
- डायल 112 को सूचना दी गई। प्रशासनिक अमले को इसकी जानकारी मिली।
- शुक्रवार शाम 5 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
- देर शाम फिर कलेक्टर, एसपी की मौजूदगी में जेसीबी से खुदाई का काम शुरू किया गया। SDRF, NDRF की टीम पहुंची।
- देर रात तक सेना के जवान भी मौके पर पहुंच गए थे।
- शनिवार को रोबोट इंजीनियर महेश अहीर को बुलाया गया। मगर वह नहीं आ सका।
- शनिवार को ही रस्सी से बच्चे को निकालने का प्रयास किया गया। वह भी असफल रहा।
- रविवार को बच्चे को रोबोट से निकालने का प्रयास किया गया। ये भी असफल रहा।
- रविवार को माइनिंग एक्सपर्ट को बुलाया गया। फिर टनल बनाने का काम शुरू किया गया।
- चट्टान बीच में आ गई, जिसे तोड़ा जा रहा है।
- बड़ी मशीन से ड्रिलिंग का काम रोक दिया गया। अब छोटे मशीन से ही ड्रिल किया जा रहा है।
