कांकेर। जिले के किसान अपने खेती बाड़ी के साथ साथ पशु पालन भी करते है जहा किसानों को अपनी खेती के साथ साथ पशुपालन कर अपने घर की जरूरतों को पूरा करते है ऐसे में पशु में होने वाली रोग तथा इसके लिए समय समय पे नियंत्रण के उपाय तथा ,किसानों के पास पर्याप्त जानकारी न होने की वजह से कभी कभी पशु की मृत्यु भी हो जाता है जिससे पशुपालको को आर्थिक मुश्किलो का सामना करना पड़ता है, ऐसे ही एक किसान पखांजूर छेत्र के ग्राम इंद्रप्रथ के निवासी है
श्रीमती पूर्णिमा चक्रवर्ती ग्राम इंद्रप्रस्थ , पखान्जुर तहसील के अन्तर्गत निवासी है।खेती बाड़ी से उतनी आमदनी न होने के कारण ही पशुपालन से अपना दैनिक जीवन को सुधारने का प्रयास करते है, पूर्णिमा चक्रवर्ती जी ने अपने पति के साथ लगभाग 5 दुधारू गाय पाले है, उनका परिवार सयुक्त परिवार है जिनकी जरूरतों को पूरा करना, पशुपालन पर ही निर्भर होते है जिनके घर में कुल 5 सदस्य जिनमे उनके पति, दो बेटा तथा सासुमा है। उन्होने 8 वी तक की पड़ाई की है। उनके पास कुल 2 एकड की जमीन है। जिसमे बरसात के समय जमीन में धान की फसल लेते है । जमीन रेतीला होने के कारण ज्यादा फसल भी नही होता ऐसे में पशुपालन कर उन से होने वाली आमदनी से ही परिवार की गुजारा हो पाता है ऐसी स्थिति में पशुओं में यदि गंभीर बीमारी का सामना करना पड़े तो, पशुपालक को बहुत तंगी का सामना करना पड़ता है ऐसे में परिवार के सदस्य की जरूरत पूरी करना ,एक चुनौती जैसा हो जाता है ।
श्रीमती पूर्णिमा चक्रवर्ती जी के पति को पशुओं में बीमारी के लिए सुझाव प्राप्त हुआ और पति के कहने पे रिलायंस फाऊंडेशन से जुड़े।
श्रीमती पूर्णिमा चक्रवर्ती जी करीबन 5 माह से रिलायंस फाऊंडेशन से जुड़े थे । उन्हे पता चला की उनके गावँ मे रिलायंस फाऊंडेशन के द्वरा 07 January 2022 को पाशुओ से संबंधित वेटरनरी कैंप रखा गया है उन्होने उस प्रोग्राम में भाग लिया। जिसमे उन्होने विशेषज्ञा से बात की।और अपने पशुओं में होने वाले बीमारियों को लेके चर्चा की।
पूर्णिमा चक्रवर्ती जी ने अपने पशुओं के बारे मे चर्चा करते हुये कहा की हमारे पशुओं में होने वाली बीमारी को लेके क्या करे और दूध को किस प्रकार से बढ़ाया जाए, Dr.S.R. Mandal जी, जो पशु चिकित्सा विशेषज्ञा है। उन्होंने बताया कि समय समय पे सरकार द्वारा चलाए जाने वाली टीकाकरण पशुओं में करनी चाहिए तथा उचित दावा लेनी चाहिए । जिससे पशुओं में बीमारी कम होती है और दूध को बढ़ाने के लिए पशुओ को विटामिन, प्रोटीन, तथा दाना देते समय कैल्सियम, का टेबलेट साथ ही पशुओं को साइलेज या फिर हरा चारा देना चाहिए।जिससे पशुओं की दूध उत्पादन बढ़ती है, साथ ही आपने पशुओं के बारे मे और भी जानकारी ली। तथा डॉक्टर के कहे अनुसार उन्होंने पशुओं का टीकाकरण करवाया साथ ही पशुओं को पोषण युक्त आहार देना जारी कर दिया, एव उन्होने अपने पशुओं को डॉ के अनुसार पशुओ का देखभाल करना शुरू कर दिया।
पूर्णिमा चक्रवर्ती जी ने अपने पति के साथ लगभाग 5 दुधारू गाय पाले जिनमे लगभग 5 महीने में 20 हजार रुपए खर्च हुआ और दूध को डेयरी में बेचा तो अगभग 60 हजार रुपए कुल बेचा जिनमे उनका 40 हजार रुपए लाभ हुआ । उन्होंने उस पैसे से बेटे की पढ़ाई के लिए खर्च किया और अपनी परिवार के आर्थिक तंगी से छुटकारा पाया ।
पूर्णिमा चक्रवर्ती जी ने रिलायंस फाउंडेशन के धन्यवाद किया। साथ ही बताया की सभी किसान को रिलायंस फाऊंडेशन मे जुड्ना चाहिये। और उनके टोल फ़्री नंबर 1800 419 8800 मे फोन कर खेती पशुपालन से सम्बंधित सभी परेशानियो का जानकारी लेनी चाहिये।
रिलायंस फाऊंडेशन की पहल से पशुपालक की आमदनी में हुई बड़ौत,साथ ही परिवार हुआ खुशहाल।
