आपदा में प्रबंधन कैसे करें से शिक्षक हुए अवगत

      पाटन-- शिक्षा विभाग का प्रमुख घटकों में शामिल , *मुख्यमंत्री शाला एवं व्यक्तिगत सुरक्षा* पर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हायर सेकंडरी स्तर के सभी शिक्षकों को संकुल स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 01.06.22 से 03.06.22 तक संकुल केन्द्र झीट में प्रशिक्षक श्री सुशील कुमार सूर्यवंशी संकुल समन्वयक एवं श्री सी आर ठाकुर प्रधान पाठक द्वारा दिया गया।
      प्रशिक्षण का आरंभ सामान्य औपचारिकता पश्चात संकुल प्राचार्य श्रीमती भारती दुबे मैम के आवश्यक निर्देश व अपेक्षा सह प्रशिक्षण के गंभीरता पर चर्चा के साथ,प्रशिक्षण के मुख्य बिंदुओं से प्रारंभ हुआ। 
    प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रशिक्षक सूर्यवंशी सर द्वारा आपदा व जोखिम जैसे-  आकस्मिक दुर्घटना ,  बाढ़ भूकंप ,बादल का फटना, सर्प दंश, सड़क दुर्घटना ,आग लगना, आंधी तूफान, वज्रपात आदि से बचने हेतु विद्यालय स्तर पर पूर्व तैयारी या बचाव के लिए प्रबंधन कैसे किया जाए पर विस्तार से चर्चा करते हुए ,*सुरक्षित शनिवार अंतर्गत42 सप्ताह का सप्ताहिक कार्ययोजना जो पूरे बारह माह में बिंदुवार सम्मिलित हैं पर चर्चा कर, शिक्षकों की कार्य योजना क्या होगी से अवगत कराया गया*। 
 प्रशिक्षण के मध्यांतर में दुर्घटना ग्रस्त व्यक्तियों को जो चेतन या अचेतन अवस्था में है का पहचान व त्वरित प्राथमिक उपचार CPRकैसे दिया जाए को  गतिविधि जैसे मल्टीपल बैंडेज,मरीज को सहारा देने हेतु बैशाखी का निर्माण ,स्ट्रैचर का निर्माण के साथ अभ्यास करके बताया गया।साथ ही बरसात के दिनों में सर्प,बिच्छू के दंश से बचाव पर चर्चा के साथ इन सरीसृपों की प्रकार पर चर्चा कर प्रोजेक्टर द्वारा शिक्षकों को दिखाया गया।
  प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस एकीकृत बाल विकास अंतर्गत  बच्चों की अधिकार एवं उनके विकास में शासन की कर्मठता पर चर्चा कर प्रशिक्षार्थियो से संरचनात्मक व गैर संरचनात्मक ईकाई का सर्वे कराकर प्रस्तुति कराया गया, साथ ही इन घटकों को बेहतर कैसे कर सकते हैं ताकि परिसर, कक्ष जोखिम रहित हो को बताया गया।साथ ही आपदा प्रबंधन समिति का विद्यालय स्तर पर गठन व कार्यान्वयन सह शाला विकास योजना में उसे कैसे शामिल करें पर चर्चा किया गया।
 मध्यांतर में राज्य स्रोत व्यक्ति श्री मोहित शर्मा का प्रशिक्षण स्थल का अवलोकन हुआ और शर्मा सर द्वारा प्रशिक्षण की उद्देश्य पर चर्चा करते हुए अस्थायी स्ट्रैचर का डेमो दिया गया । साथ ही  CPR कैसे दे को अभ्यास करके बताया व पोक्सो एक्ट से सम्बंधित जानकारी व विद्यालय स्तर पर इसका कार्यान्वयन कैसे हो पर विस्तार से चर्चा किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस हाथ धुलाई के स्टेप 

कौन कौन सा है पर चर्चा के साथ विद्यालय स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति का गठन व कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा किया गया। अंतिम दिवस के मध्यांतर में श्री राहुल सर राज्य समन्वयक (यूनिसेफ)का प्रशिक्षण स्थल पर आगमन हुआ, सर द्वारा प्रशिक्षण की मूल उद्देश्य व इसका धरातल पर कार्यान्वयन कैसे हो पर शिक्षकों को से विचार साझा करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त जानकारियों को बच्चों के साथ साझा करने हेतु प्रेरित किया।
प्रशिक्षण में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हायर सेकंडरी स्तर के शिक्षक/शिक्षिकाएं शामिल रहे है ।

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