भिलाई। अपनी सगी मां पर बुरी नजर रखते हुए अश्लील हरकतें करने के कारण माँ एवँ छोटे भाई ने उसको मौत देदी । घर पर ही हत्या कर लाश को बाहर लाकर फेंक दिया। यह मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र के औंधी गांव का है। पुलिस ने हत्या के आरोपी मां और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर संजय ध्रुव ने आज एक पत्रकार वार्ता में औंधी गांव में हुए अंधे कत्ल का खुलासा किया है। यहां रहने वाले निरंजन यादव पिता दुकालू यादव ( 26 वर्ष ) की हत्या के मामले में उसकी सगी मां कुलेश्वरी यादव ( 55 वर्ष ) और छोटे भाई ज्ञानेश्वर यादव ( 25 वर्ष ) को गिरफ्तार किया गया है। निरंजन अपनी मां पर बुरी नजर रखता था। आए दिन शराब पीने के बाद वह मां के साथ अश्लील हरकत करने से भी बाज नहीं आता था। कुलेश्वरी और ज्ञानेश्वर ने हत्या का अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने हत्या के लिए इस्तेमाल में लाए गए मेटाडोर वाहन में लगने वाला लोहे का पट्टा बरामद कर लिया है।
श्री ध्रुव ने बताया कि ग्राम औंधी के नारधी रोड निवासी निरंजन यादव की लाश 22 मई की सुबह घर के करीब ही झाड़ियों के बीच मिली थी। उसके सिर पर लोहे के भारी वस्तु से करारा प्रहार करने का निशान था। निरंजन अपनी मां कुलेश्वरी और भाई ज्ञानेश्वर के साथ रहता था। पूछताछ में मां और भाई ने गोलमोल जवाब देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब सख्ती बरती गई तो उन्होंने निरंजन की हत्या करने का अपराध कबूल कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों से की गई पूछताछ का हवाला देकर बताया कि निरंजन मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। इससे उसकी मां और छोटा भाई हमेशा परेशान रहते थे। मां की इच्छा थी कि निरंजन की शादी हो जाए। लेकिन इस बारे में जब निरंजन से बात करती तो वह बेशर्मी के साथ कहता कि तू तो है, फिर मुझे पत्नी की क्या जरूरत है, शादी करनी है तो ज्ञानेश्वर की करवा दे, उसकी पत्नी को भी मैं संभाल लूंगा। निरंजन के इस तरह की बातों से ज्ञानेश्वर के तन बदन में आग लग जाती थी।
रविवार की रात को भी निरंजन शराब के नशे में चूर होकर घर पहुंचा था। इसके बाद उसने फिर से अपनी मां के साथ अश्लील हरकत करने लगा। यह देखकर ज्ञानेश्वर आगबबूला हो उठा। गुस्से में आकर उसने मेटाडोर वाहन का घर में रखा पट्टा उठाया और निरंजन के सिर पर करारा प्रहार कर दिया। थोड़ी देर में निरंजन ने दम तोड़ दिया। ज्ञानेश्वर ने निरंजन का शर्ट निकालकर घर पर फैले खून के निशान मिटा दिया। फिर मां के साथ मिलकर लाश को उठाकर बाहर फेंकने के बाद लोहे के पट्टा को आंगन में गाड़ दिया।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में टीआई मनीष शर्मा, एसआई प्रकाश शुक्ला, प्रधान आरक्षक राकेश सिंह, महिला प्रधान आरक्षक सरिता मेश्राम, मंगला गुप्ता, आरक्षक संदीप सिंह, कृष्णा सिंह, विजय सिंह व राजेश चन्द्रौल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
